Diet vs Exercise: The Truth About Weight Loss - वजन घटाना है? डायट कंट्रोल या वर्कआउट करें, लेकिन ये एक साथ नहीं DA Image

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वजन घटाना है? डायट कंट्रोल या वर्कआउट करें, लेकिन ये एक साथ नहीं

weight measuring  photo- hindustan times

 

वजन घटाने को लेकर उत्साहित अनेक लोग नियमित एक्सरसाइज के साथ अपने  खान-पान में कैलोरीज़ पर नियंत्रण के विचार का समर्थन करते हैं। लेकिन एक नई रिसर्च के मुताबिक वर्कआउट और डायट कंट्रोल को एक साथ लागू करना हमारी हडि्डयों के लिए अच्छा नहीं होता। चैपल हिल स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ केरोलाइना के वैज्ञानिकों ने कैलोरी में कटौती (सभी प्रस्तावित न्यूट्रिएंट्स के साथ) के साथ ही नियमित एक्सरसाइज के हडि्डयों पर असर पर रिसर्च किया।

उन्होंने पाया कि आपकी कमर से कुछ चर्बी घटाने वाला यह कॉम्बिनेशन आपकी हडि्डयों को वक्त गुजरने के साथ कमजोर और पतला करता है। यह रिसर्च अमेरिकन सोसायटी ऑफ बोन एंड मिनरल रिसर्च के आधिकारिक जर्नल जर्नल ऑफ बोन एंड मिनरल रिसर्च  में प्रकाशित हुई है।

रिसर्च के नतीजे
डिपार्टमेंट ऑफ मेडिसिन के एंडोक्रनालजी विभाग में हुई रिसर्च ने चूहों में 30 प्रतिशत कैलोरी की कमी के प्रभावों का अध्ययन किया। चूहों को चार समूहों में बांटा गया था- ज्यादा कैलोरी वाला आहार और एक्सरसाइज, ज्यादा कैलोरी वाला आहार और कोई एक्सरसाइज नहीं, कम कैलोरी वाला आहार और एक्सरसाइज और कम कैलौरी वाले आहार के साथ ज्यादा एक्सरसाइज। कम कैलोरी वाले चूहों को विटामिन्स और मिनरल सप्लीमेंट्स दिए गए ताकि उन्हें रोजाना जरूरत के मुताबिक पोषण मिलता रहे। छह दिन के निरीक्षण के बाद वैज्ञानिकों ने पाया कि लो कैलोरी डायट और एक्सरसाइज वाले चूहों में हड्डी का द्रव्यमान कम हो गया जबकि अस्थि मज्जा वसा बढ़ गया था।

मुख्य रिसर्चर माया स्टाइनर के मुताबिक, “यह खोज हमारे लिए चौंकाने वाली थी।” यूएनसी प्रेस रिलीज में उन्होंने बताया, “चूहों पर किए गए पूर्व के अध्ययनों के मुताबिक एक्सरसाइज और सामान्य आहार और यहां तक की ज्यादा कैलोरी वाला आहार, हडि्डयों के स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। अब हमें पता चल रहा है कि यह कम कैलोरी वाली डायट के साथ एक्सरसाइज के मामले में सही नहीं है। ”

मानवीय शरीर की जटिलताएं
नया मटेरियल जुडने और पुरानी कोशिकाओं के पुनर्नवीनीकरण से हमारी हडि्डयों में निरंतर बदलाव होता रहता है। हमारी कुछ हडि्डयों में मौजूद स्पंज जैसा ऊतक (टिश्यू), बोन मैरो, हमारे कंकाल की संरचना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बोन मैरो का एक छोटा सा भाग, मैरो एडिपोसाइट टिश्यू (मेट), हमारी हडि्डयों में स्थायित्व, जिसे होमियोस्टेसिस कहा जाता है, बनाए रखने में मदद करता है। हमारी ऊर्जा की चयापचय प्रक्रिया के नियमन के लिए भी यह महत्वपूर्ण है। 

पहले के अध्ययनों ने कैलोरी में कमी और मेट के बीच उल्टा संबंध पाया था। जब हम कुछ समय के लिए कम कैलोरी लेते हैं तो मेट बढता है। अध्ययन से यह भी पता चला कि नियमित एक्सरसाइज से मेट घटने लगता है, लेकिन ज्यादा खाने से लगातार बढ़ने लगता है। 

 इसके अलावा वैज्ञानिकों का मानना है कि कैलोरी की कमी की स्थिति में मेट अलग तरह से काम करता है-मेट की मात्रा भी बढ़ जाती है, यह हमारे शरीर को जरूरी ऊर्जा की आपूर्ति भी नहीं करता। इस तरह लो कैलोरी डायट के साथ बहुत ज्यादा एक्सरसाइज हमारे स्वास्थ्य में धीरे-धीरे गिरावट की वजह बन सकती है।

लो कैलोरी डायट के साथ मेट में इजाफा ओस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों में दिखता है, जहां हडि्डयां कमजोर हो जाती हैं। यह अध्ययन पशुओं पर किया गया था। हालांकि इंसानों पर पहले किए गए अध्ययनों से यह सबूत मिला है कि इंसानों में भी ऐसा ही होता है। स्टाइनर कहती हैं, “इस पर इंसान के नजरिये से देखा जाए तो पोषक होने के बावजूद लो कैलोरी आहार, एक्सरसाइज के साथ हमारी हडि्डयों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है। यह महिलाओं के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि उम्र बढ़ने के साथ वैसे भी हमारी हडि्डयां कमजोर होती जाती हैं। ऐसे में आपका कैलोरी सेवन और एक्सरसाइज का रूटीन आपकी हडि्डयों के स्वास्थ्य पर प्रभाव डाल सकता है। उनके टूटने या फ्रेक्चर होने का खतरा बढ़ सकता है।”
 

(यह स्वास्थ्य आलेख www.myupchar.com द्वारा लिखा गया है, जो सेहत संबंधी भरोसेमंद सूचनाएं प्रदान करने वाला देश का सबसे बड़ा स्रोत है।)

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  • Web Title:Diet vs Exercise: The Truth About Weight Loss