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किडनी को बीमार न कर दे डायबिटीज, उपचार से बेहतर बचाव

kidney (Shutterstock)

अस्वस्थ जीवनशैली तमाम बीमारियों को बढ़ावा दे रही है। ऐसे में क्रॉनिक किडनी डिजीज यानी सीकेडी एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या बनकर उभर रही है, जिसके लिए डायबिटीज को बड़ा कारण बताया जा रहा है। इसके कारण और बचाव के बारे में जानकारी देता आलेख

स्वस्थ जीवनशैली है जरूरी
स्वस्थ जीवनशैली हमारे शरीर का मेटाबॉलिज्म संतुलित रखने और वजन को नियंत्रित रखने में सहायक होती है। एक ऐसा उपयुक्त आहार लेकर भी आप बीमारी से बच सकते हैं, जिसमें प्रोटीन की मात्रा कम हो। इसमें मांसाहारी भोजन का इस्तेमाल बेहद कम होता है, क्योंकि मांसाहारी भोजन में प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है। नमक का इस्तेमाल कम करना चाहिए। दर्दनिवारक दवाओं के अधिक सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि इससे किडनी की जटिलताएं बढ़ती हैं। दर्दनिवारक दवाओं का अत्यधिक इस्तेमाल किडनी संबंधी जटिलता को और बढ़ा सकता है।

उपचार से बेहतर बचाव
बचाव इलाज से बेहतर है। क्रॉनिक किडनी डिजीज से बचने के लिए नमक का इस्तेमाल कम करें और पर्याप्त पानी पिएं। देशी दवाओं के इस्तेमाल से बचे, डायबिटीज और हाइपरटेंशन पर कठोर नियंत्रण बनाए रखें, धूम्रपान छोड़ने और ओवर द काउंटर दवाओं, खासकर दर्दनिवारक दवाओं से बचने की कोशिश करें।

नियमित स्वास्थ्य जांच जरूरी
डायबिटीज से पीड़ित लोगों में किडनी की समस्या होने पर कोई लक्षण सामने नहीं आता। यदि आप डायबिटीज से पीड़ित हैं, तो अपनी किडनी की सेहत का पता लगाने के लिए नियमित रूप से जांच करवाते रहें। कुछ साधारण टेस्ट जैसे माइक्रो एल्ब्युमिन्युरिया और सीरम क्रिएटिनिन के जरिए किडनी की बीमारी का पता लगाया जा सकता है। युवाओं (35 साल से कम उम्र) में हाई ब्लड प्रेशर, पैरों में सूजन आदि किडनी की बीमारी के कुछ लक्षण हो सकते हैं। किडनी फेल्योर तब होता है, जब यह अंग सामान्य की तुलना में 15 प्रतिशत से कम काम करने लगता है। 

क्या है इलाज
अगर आप क्रॉनिक किडनी डिजीज के मरीज हैं, तो अपने उपचार के प्रति गंभीर हो जाएं।

ब्लड ग्लूकोज पर नियंत्रण 
अगर आप डायबिटीज से पीड़ित हैं, तो आपको अपना ब्लड शुगर लेवल पूरी तरह से नियंत्रण में रखना चाहिए। यह बेहद जरूरी है कि आप अपना ग्लाइकेटेड हीमोग्लोबिन अथवा एचबीए1सी सात प्रतिशत के नीचे रखें। आप एचबीए1सी की जांच एक साधारण ब्लड टेस्ट कराकर कर सकते हैं, जो पिछले तीन महीनों का औसत ग्लूकोज स्तर बताता है। पिछले तीन महीनों में आपका एचबीए1सी नम्बर जितना अधिक होगा, उतना ही अधिक आपका ब्लड ग्लूकोज का स्तर रहा होगा। ऐसे में किडनी को नुकसान होने का खतरा बढ़ जाता है। 

सामान्य ब्लड प्रेशर
ब्लड प्रेशर आपकी नसों पर पड़ने वाला रक्त का दबाव होता है। किडनी डिजीज से दूर रहने का एक और तरीका है ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखना। सलाह दी जाती है कि आप अपना ब्लड प्रेशर स्तर 130/80 अथवा 120/80 पर रखें। हाई ब्लड प्रेशर होने पर आपकी किडनी का फिल्टर क्षतिग्रस्त हो जाता है। ऐसे में रीनल यानी किडनी फेल्योर हो सकता है। 

डायलिसिस
नियमित डायलिसिस से ऐसे मरीजों के शरीर से अतिरिक्त पानी और कचरा बाहर निकाल कर उनका स्वास्थ्य ठीक रखा जाता है। जो मरीज डायलिसिस के महंगे खर्च को वहन नहीं कर पाते, वे सरकार के प्रधानमंत्री नेशनल डायलिसिस प्रोग्राम का लाभ ले सकते हैं।  
(वसंत विहार स्थित फोर्टिस हॉस्पिटल के नेफ्रोलॉजी विभाग के डायरेक्टर डॉ. संजीव गुलाटी से की गई बातचीत पर आधारित)


 

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  • Web Title:Diabetes will make the kidney ill better prevention than treatment