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19 सितम्बर, 2020|2:33|IST

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Covid-19:70 साल पहले ही पनप चुका था सार्स-कोव-2 वायरस

coronavirus

दुनियाभर में कहर बरपा रहा कोरोना वायरस 70 साल पहले ही अस्तित्व में आ गया था। पेनसिल्वेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अपने हालिया अध्ययन के आधार पर दावा किया है कि सार्स-कोव-2 वायरस पहली बार 1948 में चमगादड़ों में पनपा था। 1969 और 1982 में भी इसका बदला हुआ रूप सामने आया था।

दरअसल, शोधकर्ता सार्स-कोव-2 की उत्पत्ति का रहस्य खंगालने की कोशिशों में जुटे हैं, ताकि वायरस की जेनेटिक संरचना के अलावा समय के साथ उसमें आने वाले बदलावों का अंदाजा लगाया जा सके। चूंकि, पूर्व में हुए कुछ अध्ययनों में चमगादड़ों को इस जानलेवा संक्रमण का स्रोत करार दिया गया है, इसलिए उन्होंने सार्स-कोव-2 की तुलना चमगादड़ों में पाए जाने वाले इससे मिलते-जुलते वायरस ‘रैटजी-13’ से की। 2013 में मिला ‘रैटजी-13’ 1969 में सामने आई कोरोना वायरस की एक नस्ल से अलग होकर पनपा था। 

उन्होंने देखा कि ‘रैटजी-13’ और ‘सार्स-कोव-2’ के पूर्वज एक ही हैं। दोनों की जेनेटिक संरचना और हमले की रणनीति में 96 फीसदी समानताएं हैं। मुख्य शोधकर्ता डेविड रॉबर्ट्सन ने चेताया कि कोरोना वायरस 40 से 70 वर्षों से अस्तित्व में है। ऐसे में चमगादड़ों में कई ऐसे और जानलेवा वायरस हो सकते हैं, जो मानव शरीर में दाखिल होकर भारी तबाही मचाने की कूव्वत रखते हैं। 

विस्तृत शोध कर उन्हें पहचानने और समय रहते कारगर इलाज खोजने की कोशिशें तेज कर देनी चाहिए। अध्ययन के नतीजे ‘नेचर बायोलॉजी’ के हालिया अंक में प्रकाशित किए गए हैं।

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  • Web Title:Covid-19: SARS Cove 2 virus had already evolved 70 years ago