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8 मई, 2021|12:27|IST

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Covid-19: बारिश वायरस को कमजोर कर सकती है, जानें इन मिथकों की सच्चाई

relatives of the person who died from covid-19 and his mother report positive

इन दिनों कोरोना वायरस को लेकर कई तरह के मिथक प्रचलित हो रहे हैं। इन्हें लेकर आम लोगों में काफी भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। क्या है, इन मिथकों की सच्चाई, इस बारे में आपको बता रहा है ‘हिन्दुस्तान'

मिथ: बारिश वायरस को कमजोर कर सकती है?
सच्चाई: वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के ग्लोबल हेल्थ के प्रोफेसर जारेड बैटन का मानना है कि कुछ हद तक बारिश वायरस या कीटाणुयुक्त सतहों को निष्क्रिय कर देती है, जिस तरह साबुन और पानी करता है, पर कोरोना बारिश से कमजोर हो जाएगा, अभी ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला है। वहीं जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ वैज्ञानिक जेरेड इवांस कहते हैं कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बारिश का सतह पर रहने वाले वायरस पर कितना प्रभाव पड़ता है।
 
मिथ: करेले के जूस से संक्रमण से बचा जा सकता है?
सच्चाई:  सोशल मीडिया पर अभी कुछ दिनों पहले दावा किया गया था कि करेले के जूस से संक्रमण से बचा जा सकता है। आयुर्वेद में करेले के जूस को सेहत के लिए काफी फायदेमंद बताया गया है, पर इसे पीने से कोरोना से बचा जा सकता है, ऐसा अब तक कोई शोध या प्रमाण सामने नहीं आया है।
 
मिथ: महिलाओं को संक्रमण से बचने के लिए रोज शैंपू करना चाहिए
सच्चाई:  ऐसा करना जरूरी नहीं है। हां, हमें साफ सफाई का ध्यान रखना चाहिए। खासतौर पर बीमारी के समय अपनी व आसपास की सफाई रखना संक्रमण से बचाव करता है, पर बालों को रोज शैम्पू करना बिल्कुल भी जरूरी नहीं है। खासतौर पर तब, जब आप घर में ही रह रही हैं। ज्यादा शैम्पू का इस्तेमाल बालों की गुणवत्ता को नुकसान भी पहुंचा सकता है।

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  • Web Title:Covid-19: Rain can weaken the virus know the truth of these myths