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Covid-19: लॉकडाउन के दौरान ज्यादा मृत शिशुओं ने लिया जन्म, शोध में खुलासा

मदन जैड़ा,नई दिल्लीPublished By: Manju Mamgain
Wed, 16 Sep 2020 04:42 PM
Covid-19: लॉकडाउन के दौरान ज्यादा मृत शिशुओं ने लिया जन्म, शोध में खुलासा

कोरोना महामारी से निपटने के लिए लगाए गए लॉकडाउन से वैसे तो सभी क्षेत्रों पर असर पड़ा है। लेकिन वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि इस दौरान गर्भवती महिलाओं को जरूरी चिकित्सकीय देखभाल नहीं मिलने से मृत बच्चे पैदा होने की दर बढ़ी है। भारत समेत दुनिया भर में यह स्थिति पैदा हुई है। 

साइंस जर्नल नेचर ने लॉकडाउन की अवधि के दौरान मृत बच्चों के पैदा होने की घटनाओं को लेकर दुनिया भर में हुए शोधों के आधार पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की है। इसी रिपोर्ट में लांसेट के एक शोध का जिक्र है जिसमें दावा किया गया है कि उत्तर भारत के चार अस्पतालों में मृत पैदा होने वाले बच्चों का प्रतिशत 2.25 से बढ़कर 3.15 तक हो गया। 

इसका मतलब यह है कि प्रति एक हजार पैदा होने वाले बच्चों पर 34 मृत पैदा होने लगे। जबकि लॉकडाउन से पहले यह संख्या 25 थी। यह अध्ययन एम्स जोधपुर और वही स्थित एसएन मेडिकल कालेज के डाक्टरों ने किया है। इसमें 25 मार्च से दो जून की अवधि की तुलना 15 जनवरी से 24 मार्च तक के आंकड़ों से की गई।

शोधकर्ताओं का कहना है कि लॉकडाउन के चलते गर्भवती महिलाएं अस्पतालों तक नहीं पहुंच पाई। इससे प्रसव पूर्व देखभाल नहीं हो पाई। अध्ययन के अनुसार जिन चार अस्पतालों पर अध्ययन किया गया, उनमें गर्भवती महिलाओं की भर्ती 43.2 फीसदी घटी जो 6209 से घटकर 3527 रह गई। इसी अवधि में पिछले साल की तुलना में यह कमी 49.8 फीसदी कम थी। 

इसी प्रकार ओबेस्ट्रिक इमरजेंसी के मामले 66.4 फीसदी घटे। जबकि सीजेरियन प्रेस 33 फीसदी से थोडे बढ़कर 37.03 फीसदी दर्ज किए गए। अस्पताल में मातृ मृत्यु दर 0.13 फीसदी से बढ़कर 0.20 फीसदी तक पहुंच गई।

नेचर रिपोर्ट के अनुसार लंदन के सेंट जार्ज हास्पीटल में प्रति एक हजार जन्मों पर मृत बच्चों की संख्या 2.38 से बढ़कर लाकडाउन के दौरान 9.31 हो गई। यह करीब चार गुना की बढ़ोत्तरी है। जबकि नेपाल में हुए एक अध्ययन में यह संख्या प्रति हजार पर 14 से बढ़कर 21 हो गई।

यूनिवर्सिटी आफ साउथ आस्ट्रेलिया की मिडवाइफरी एक्सपर्ट एने वारलैंड ने कहा कि लाकडाउन के दौरान गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व देखभाल सेवाओं की उपलब्धता बेहद कम रह गई। जिससे गर्भ में पल रहे शिशु को नुकसान हुआ और ज्यादा मृत बच्चे पैदा हुए।

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