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2 जून, 2020|8:23|IST

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Covid-19: क्या चीन से बाहर ज्यादा घातक हुआ कोरोना वायरस? ये है हकीकत

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क्या कोविड-19 का संक्रमण चीन से बाहर ज्यादा घातक हो चुका है? विभिन्न वैज्ञानिक संस्थानों के अध्ययन ऐसे तीन कारणों को चिह्नित करते हैं जिससे प्रतीत होता है कि चीन से बाहर वायरस का संक्रमण कहीं ज्यादा घातक है। एक तो इसका फैलाव ज्यादा तेज है, दूसरे युवाओं में ज्यादा संक्रमण हो रहा है और तीसरी चीज मृत्यु दर का ज्यादा होना है। हालांकि, वैज्ञानिक यह नतीजा निकालने की कोशिश कर रहे हैं कि यह किसी देश में महज इत्तेफाक है या फिर वास्तव में वायरस का प्रभाव हर देश की भौगोलिक स्थितियों में अलग-अलग है।

जॉन हापकिंस यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन के अनुसार चीन में दो महीनों के दौरान वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या एक लाख नहीं पहुंच पाई थी। अमेरिका, इटली समेत कई देशों में महज एक महीने से भी कम समय में यह संख्या डेढ़ लाख तक पहुंच चुकी है। वैज्ञानिकों का दावा है कि चीन से बाहर इसके फैलाव की दर ज्यादा है। चीन में यह चार-पांच फीसदी थी, जबकि इटली, अमेरिका आदि में छह फीसदी से अधिक है।

इटली में 10 फीसदी मृत्यु दर: 
जर्मनी के राबर्ट कोच इंस्टीट्यूट के अनुसार चीन में कोरोना की मृत्यु दर तीन फीसदी के करीब दर्ज की गई थी लेकिन इटली में यह 10 फीसदी और स्पेन में आठ फीसदी तक पहुंच चुकी है। यूरोप के कई अन्य देशों फ्रांस, ब्रिटेन आदि में भी यह चीन से अधिक है। हालांकि, जर्मनी और अमेरिका इसके अपवाद हैं। जर्मनी में मृत्यु दर 0.72 फीसदी और अमेरिका में 1.5 फीसदी के करीब है। हालांकि, विशेषज्ञों का दावा है कि इन दो देशों में बड़े पैमाने पर मरीजों की टेस्टिंग हुई है जिससे ज्यादा संक्रमितों का पता चल रहा है और मृत्यु दर कम हो गई है जबकि चीन समेत तमाम देशों में टेस्टिंग कम की गई है।

चीन के बाहर बड़े पैमाने पर युवा शिकार: 
हालांकि, सिर्फ मृत्यु दर से ही वैज्ञानिकों ने कोई नतीजा नहीं निकाला है बल्कि युवा आबादी में फैलाव को भी आधार बनाया है। मसलन, चीन में यह देखा गया था कि 80 फीसदी आबादी जो 55 साल से कम उम्र की है, उनमें मामूली लक्षण दिखे या नहीं दिखे। इनमें से ज्यादातर को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत भी नहीं होती लेकिन यूरोप और अमेरिका में बड़े पैमाने पर युवा आबादी चपेट में आ रही है और उनमें गंभीर लक्षण दिख रहे हैं। अमेरिका में 38 फीसदी लोग 20-54 साल की उम्र के हैं जो अस्पतालों में भर्ती किए गए हैं। स्पेन में ऐसे लोगों की संख्या 52 फीसदी, दक्षिण कोरिया में 50 फीसदी और इटली में 54 फीसदी लोग 60 साल से कम उम्र के ऐसे संक्रमित हैं जिन्हें गंभीर लक्षणों के चलते अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। जर्मनी में अब 65 हजार मामले आ चुके हैं तथा 82 फीसदी लोग 60 साल से कम उम्र के हैं।

यह भी आशंका :
एक आशंका यह भी व्यक्त की जाने लगी है कि कहीं चीन ने बीमारी के आंकडों को तो नहीं छुपाया। क्या वास्तव में चीन में उतनी ही मौतें और संक्रमण हुए हैं जितना उसने बताया है। कहीं ऐसा तो नहीं कि चीन ने पहले बीमारी को लेकर दुनिया को अंधेरे में रखा और इसकी भयावहता को लेकर तथ्य छिपाए हों।

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  • Web Title:Covid-19: Is Corona Virus become More Deadly Outside the China know what experts have to say about it