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9 जुलाई, 2020|7:13|IST

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कोरोना वायरस के प्रसार को दूसरे उत्तकों तक फैलने से रोकने वाली नई दवा की पहचान

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शोधकर्ताओं ने पाया है कि कोरोना वायरस अपने लक्षित उत्तकों में प्रोटीन को निशाना बनाता है और फिर लंबी श्रृंखला बनाकर नजदीक के उत्तक तक पहुंचता है और संक्रमण फैलाता है। इस शोध से क्लीनिकली स्वीकृत ऐसी दवाओं की पहचान हो सकेगी, जो वायरस की इस प्रक्रिया को बाधित कर सकती है।
         
अमेरिका के ईएमबीएल के यूरोपीय बायोइन्फॉर्मेटिक्स इंस्टीट्यूट (ईएमबीएल-ईबीआई) और कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय सैन फ्रांसिस्को के वैज्ञानिकों ने वायरस, जिनमें कोरोना वायरस सार्स कोव-टू के वायरस भी शामिल हैं, वे उत्तकों पर नियंत्रण करते हैं और नये वायरल कण उत्पादित करने के लिए इसमें छेड़छाड़ करते हैं।
    
उन्होंने कहा कि इस बार इससे प्रोटीन की गतिविधियां और एंजाइम जैसे महत्वपूर्ण अणु प्रभावित होते हैं और इसके ढांचे में बदलाव कर प्रोटीन की कार्यविधि में बदलाव लाते हैं। पत्रिका सेल में रविवार को प्रकाशित अध्ययन में वैज्ञानिकों ने सभी मूल एवं वायरल प्रोटीन का विश्लेषण किया जिसने सार्स कोव-टू संक्रमण के बाद एंजाइम की प्रक्रिया में बदलाव को दर्शाया, जिसे फॉसफोरिलेशन कहा जाता है।
         
शोधकर्ताओं के मुताबिक मूल प्रोटीन में फॉसफोरिलेशन पैटर्न में बदलाव लाकर वायरस अपने संचरण को दूसरे उत्तकों तक प्रसार को बढ़ावा देता है। उन्होंने पाया कि वायरस के संपर्क में आने वाले 12 फीसदी तक मूल प्रोटीन बदल जाते हैं।

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  • Web Title:covid-19:Identification of new drug done that prevents spread of corona virus to other tissues