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हिंदी न्यूज़Covid-19:कोरोना वायरस के पनपने में मददगार 'साइलेंट म्यूटेशन' का चल गया पता

Covid-19:कोरोना वायरस के पनपने में मददगार 'साइलेंट म्यूटेशन' का चल गया पता

अनुसंधानकर्ताओं ने कोरोना वायरस सार्स-सीओवी-2 के जेनेटिक कोड के लगभग 30,000 अक्षरों में बड़ी संख्या में ‘साइलेंट म्यूटेशन’ (मुक उत्परिवर्तन) या प्रकारों का पता लगाया है। जिनसे इस वायरस के...

Covid-19:कोरोना वायरस के पनपने में मददगार 'साइलेंट म्यूटेशन' का चल गया पता
Manju Mamgainएजेंसी,वाशिंगटनTue, 20 Oct 2020 12:15 PM
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अनुसंधानकर्ताओं ने कोरोना वायरस सार्स-सीओवी-2 के जेनेटिक कोड के लगभग 30,000 अक्षरों में बड़ी संख्या में ‘साइलेंट म्यूटेशन’ (मुक उत्परिवर्तन) या प्रकारों का पता लगाया है। जिनसे इस वायरस के चमगादड़ और अन्य वन्यजीवों से मनुष्य में पहुंचने के बाद इसे पनपने में मदद मिली है और अंतत: जिसकी वजह से वैश्विक महामारी फैली। 

अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार अति सूक्ष्म परिवर्तनों में वायरस का मनुष्य की कोशिकाओं के भीतर उसके आरएनए कणिकाओं या जेनेटिक पदार्थ को बदलना शामिल है। पीयर जे पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन से कोविड-19 के उपचार या रोकथाम के लिए नए आणविक लक्ष्य तय किए जा सकते हैं। 

अनुसंधानकर्ताओं ने मनुष्यों में सार्स-सीओवी-2 जीनोम में पैदा हुए बदलावों का पता लगाने के लिए सांख्यिकीय पद्धतियों का इस्तेमाल किया, लेकिन चमगादड़ों और पेंगोलिनों में पाए गए कोरोना वायरस में ऐसा नहीं किया। अमेरिका की ड्यूक यूनिवर्सिटी में जीवविज्ञानी ग्रेग रे की प्रयोगशाला में पोस्ट डॉक्टोरल सहायक अलेजांद्रो बेरियो ने कहा, हम यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि इस वायरस को किसने इतना अलग बनाया।

शोध रिपोर्ट के अनुसार, सार्स-सीओवी-2 जीनोम के दो अन्य क्षेत्रों में तथाकथित म्यूटेशन, एनएसपी-4 और एनएसपी-16  में बदलाव हुए हैं। इससे यह प्रतीत होता है कि वायरस ने स्पाइक प्रोटीन को परिवर्तित किए बिना पिछले स्वरूपों पर जैविक बढ़त बनाकर ताकतवर हुआ है।

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