DA Image
8 जुलाई, 2020|4:31|IST

अगली स्टोरी

जब तक कोरोना वायरस रहेगा, क्वारंटाइन और आइसोलेशन की नौबत आती रहेगी, जानिए क्या है इनमें अंतर

coronavirus

इंसान से इंसान में फैलने वाले कोरोना वायरस से आज पूरी दुनिया दहशत में है। कोरोना वायरस की वजह से कई देशों की सरकारें इससे बचने के लिए कई तरह के उपाय खोज रही है, क्योंकि इस वायरस की अभी तक कोई भी वैक्सीन नहीं बन पाई है। इस स्थिति में कोरोना वायरस से बचने के लिए सबसे अच्छा तरीका यही है कि कोई भी अपने घरों से बाहर ना निकले, क्योंकि यदि कोई बाहर निकला तो आशंका रहेगी कि वह किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने पर कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में आ सकता है।
 
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए दो शब्द अहम है, क्वॉरंटाइन और आइसोलेशन। कई लोग क्वॉरंटाइन का मतलब आइसोलेशन भी समझ रहे हैं, लेकिन दोनों में फर्क है। मेडिकल की भाषा में क्वारंटीन और आइसोलेशन में काफी अंतर होता है आइए दोनों का मतलब जानते हैं -
 
ऐसे आया ‘क्वॉरंटाइन’ शब्द
यह शब्द इटालियन और फ्रेंच दोनों भाषा से मिलकर बना है। शुरुआत में यह शब्द फ्रेंच भाषा से लिया गया था। 'क्वारंटाइन' शब्द की उत्पत्ति भी यही से हुई है, जिसका अर्थ होता है कुछ दिनों के लिए दूसरों से अलग कर देना। एम्स के डॉ. उमर अफरोज के अनुसार, जिसमें संक्रमण होने की आशंका हो, उसे क्वारंटाइन कर दिया जाता है। हालांकि, इसके कई नुकसान भी हैं। इस स्थिति में रखे जाने पर मरीज गुस्सैल हो सकता है। वह डिप्रेशन में जा सकता है, इसलिए डॉक्टरों को हर वक्त नजर रखनी होती है।
 
आइसलैंड का शब्द है ‘आइसोलेशन’
इस शब्द का निर्माण आइसलैंड शब्द से होता है, जिसका हिंदी में अर्थ है द्वीप। 1423 ई. में इटली के वेनिस में एक बड़ा अस्पताल बनाया गया था। इस अस्पताल में प्लेग के रोगियों का इलाज किया गया था, क्योंकि उस समय प्लेग इसी तरह फैला था। आइसोलेशन का अर्थ होता है अकेला। यदि कोई संक्रमित व्यक्ति है, जिससे संक्रमण फैल सकता है तो उसे आइसोलेट कर दिया जाता है। प्लेग का संक्रमण भी कोरोनावायरस की ही तरह फैल रहा था। इसलिए तब भी लोगों को अलग रखने के लिए आइसोलेशन अस्पताल बनाया गया। यह अस्पताल आइसलैंड पर बना हुआ था इसीलिए यहीं से ‘आइसोलेशन’ शब्द की उत्पत्ति हुई।
 
जानिए अंतर क्वॉरेंटाइन और ‘आइसोलेशन’ शब्द में
इन दोनों ही शब्दों में बड़ा अंतर है ‘क्वॉरंटाइन’ शब्द मूल रूप से उन लोगों के लिए उपयोग किया जाता है जिन्हें संक्रमण से बचाना है ताकि उन्हें यह संक्रमण ना हो जाए, इसलिए उन्हें घर से बाहर नहीं जाने दिया जाता है। ‘आइसोलेशन’ शब्द का इस्तेमाल उनके लिए किया जाता है, जो संक्रमित हो चुके हैं और जिन का इलाज चल रहा है या फिर उन्हें यह बीमारी होने की आशंका है। उन्हें अस्पताल में एक अलग रूम में रखा जाता है, ताकि उनसे किसी और को यह संक्रमण न फैले। संक्रमण फैलने की स्थिति में क्वारंटाइन करने से संक्रमण की चेन टूट जाती है और लोगों में फैलने की आशंका कम हो जाती है। दरअसल क्वारंटाइन करने से वायरस का कम्युनिटी ट्रांसफर नहीं हो पाता है।
 
एम्स के डॉ. उमर अफरोज के अनुसार, इन हालात में मरीज को सकारात्मक रुख बनाए रखना चाहिए। उसे फिजिक्ल एक्टिविटी करनी चाहिए, कुछ ऐसा करना चाहिए, जिससे खुशी मिले।
 
अधिक जानकारी के लिए देखें: https://www.myupchar.com/disease/covid-19

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Covid-19: As long as corona virus survives the need of doing quarantine and isolation will also exist know the difference between quarantine and isolation