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13 जुलाई, 2020|1:54|IST

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संक्रमण फैलने की रफ्तार लॉकडाउन के बाद आधी से कम

coronavirus

केंद्र सरकार ने पहली बार लॉकडाउन को लेकर कोरोना के संक्रमण दर में कमी आने का दावा किया। सरकार ने कहा कि लॉकडाउन से पहले देश में मरीजों के दोगुना होने का समय तीन दिन था लेकिन अब यह बढ़कर 6.2 दिन हो गया। इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली तथा उत्तराखंड समेत 19 राज्यों में दोगुना होने की यह दर राष्ट्रीय औसत से भी कम है।


स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने शुक्रवार को नियमित प्रेस कांफ्रेस के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिन 19 राज्यों में संक्रमण दर दूनी होने की रफ्तार राष्ट्रीय औसत से भी धीमी है उनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, दिल्ली, केरल, हरियाणा, लद्दाख, हिप्र, चंडीगढ़, पुड्डुडिचेरी, ओडिशा, कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना, तलिनाडु, आंध्र प्रदेश, पंजाब, असम तथा त्रिपुरा हैं। यह आकलन पिछले सात दिनों के आधार पर किया गया है। बता दें कि कुल 31 राज्यों में कोरोना संक्रमित हैं। अग्रवाल ने कहा कि भारत में कोरोना वायरस संक्रमित लोगों के स्वस्थ होने का अनुपात, अन्य देशों के मुकाबले बेहतर है।
संक्रमण दर कम हुई : लव अग्रवाल ने कहा कि उपरोक्त दो आंकड़ों के अलावा कोरोना ग्रोथ फैक्टर से भी संक्रमण कम होने की पुष्टि होती है। 15-31 मार्च के दौरान संक्रमण की वृद्धि दर 2.1 दर्ज की गई है जबकि एक अप्रैल के बाद अब तक यह 1.2 रही है। एक पखवाड़े के दौरान ग्रोथ फैक्टर में 40 फीसदी की कमी हुई है। यह सरकार के प्रयासों की सफलता को दर्शाता है।


देश में 80 फीसदी मरीज स्वस्थ हुए : भारत में कोरोना वायरस संक्रमित लोगों के स्वस्थ होने का अनुपात, अन्य देशों के मुकाबले बेहतर है। उन्होंने कहा कि देश कोविड रोगियों का आउटकम रेशियो भी अच्छा है। इसमें विभिन्न अस्पतालों से छुट्टी पा चुके और मृत हो चुके मरीजों को आधार बनाया जाता है। इस आकलन के हिसाब से देश में 80 फीसदी मरीज स्वस्थ हुए हैं तथा बीस फीसदी की मौत हुई है। देशभर में इस आधार पर स्वस्थ होने वालों का आंकड़ा अच्छा है। यह जमीनी स्तर पर हो रहे प्रभावी कार्यो के चलते ही संभव *हुआ है।


तीनों स्टेन मौजूद आईसीएमआर के वैज्ञानिक डॉ. रमन गंगाखेडकर ने कहा कि भारत में कोविड के तीनों स्ट्रेन मौजूद पाए गए हैं। लेकिन इनमें म्यूटेशन के प्रमाण नहीं मिले हैं। कोरोना संक्रमण का पता लगने के लिए अब तक 3,19,400 लोगों की जांच हुई है और 28,340 जांच गुरुवार को हुई।
जांच, टीके एवं दवा पर फोकस देश के वैज्ञानिक संस्थान सीएसआईआर, डीबीटी, डीएसटी, एटामिक रिसर्च आदि टेस्ट करने वाली किट बनाने, दवा एवं टीके की खोज पर कार्य कर रहे हैं। प्लाज्मा थेरेपी पर भी कार्य आरंभ हो चुका है। शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवाओं पर भी काम चल रहा है। कई संस्थानों में प्रतिमाह छह हजार वेंटीलेर बनाने की क्षमता हासिल हो चुकी है।

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  • Web Title:coronavirus transmission spread less than half after lockdown