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30 मार्च, 2021|1:56|IST

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Coronavirus: कोरोना से ठीक हुए मरीजों में थकान की समस्या, ऐसे रखें खानपान का ख्याल

दुनिया में कोरोना वायरस जैसी आपदा किसी ने भी पहले कभी नहीं देखी। इस महामारी का संक्रमण इतनी तेजी से फैल रहा है कि किसी भी देश के लिए इसे नियंत्रित कर पाना असंभव सा लग रहा है। www.myupchar.com से जुड़े ऐम्स के डॉ. अजय मोहन के अनुसार, अब तक कोरोना वायरस का इलाज नहीं मिला है और सिर्फ लक्षणों के आधार पर इलाज किया जा रहा है। फिलहाल किसी भी वैक्सीन को तैयार होने में 1-2 साल का समय लग सकता है। कोरोना संक्रमण लगातार फैल रहा है, लेकिन कई संक्रमित लोग ठीक भी हो रहे हैं। भारत में रिकवरी रेट पहले की तुलना में बढ़ रहा है, जो एक सुकून देने वाली खबर है। लेकिन कोरोना के मरीज ठीक होने के बाद क्या पूरी तरह स्वस्थ हो गए, ये सवाल सभी के मन में उठ रहा है। आइए इन्ही सवालों के जवाब जानने की कोशिश करते हैं।
 
कोरोना से ठीक होने के बाद रहती है कमजोरी
जो लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं और ठीक होकर घर वापस आ गए हैं, वे लंबे समय तक कमजोरी भी महसूस करते हैं। उनके शरीर में यह थकान करीब तीन से चार सप्ताह तक रह सकती है। दरअसल यह पोस्ट वायरल साइड इफेक्ट होता है। इस इफेक्ट को वायरल क्रॉनिक फटीग सिंड्रोम भी कहा जाता है। यह सिंड्रोम डेंगू, स्वाइन फ्लू और इन्फ्लूएंजा के मरीजों में देखा जाता है, लेकिन इससे ठीक होने में एक से दो सप्ताह का समय लगता है। वहीं कोरोना वायरस से ठीक हुए मरीजों को इस सिंड्रोम के ठीक होने में एक महीना लग जाता है। मरीजों में यह थकान मानसिक व शारीरिक दोनों हो सकती है। क्रॉनिक फटीग सिंड्रोम एक ऐसी बीमारी है, जिसमें मानसिक तनाव या थकान की स्थिति में कई बार मरीज याददाश्त भी खो बैठते हैं।
 
वायरल संक्रमण के बाद इसलिए होती है थकान
www.myupchar.com से जुड़े डॉ. अजय मोहन के अनुसार, वायरल संक्रमण शरीर में मौजूद प्रोटीन को तोड़ता है, जिससे शरीर की कोशिकाओं को क्षति पहुंचती है। इससे कोशिकाएं कमजोर हो जाती हैं। यही कारण है कि शरीर थकान और कमजोरी महसूस करता है। इसके अलावा वायरस से शरीर की एंटीबॉडी भी लगातार लड़ती रहती है, जिससे शरीर की ऊर्जा नष्ट हो जाती है। शरीर में पानी की कमी भी होने लगती है, इसलिए डॉक्टर मरीजों को हाई प्रोटीन से युक्त आहार लेने और भरपूर मात्रा में पानी पीने की सलाह देते हैं ताकि वे जल्दी ही ठीक हो सकें।
 
कोरोना वायरस के मरीजों में डिप्रेशन
कोरोना वायरस के कई मरीजों में ठीक होने के बाद डिप्रेशन जैसे लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं, इसलिए डॉक्टर द्वारा सकारात्मक सोच पर ध्यान देने के लिए कहा जा रहा है। अधिकतर अस्पतालों में कोरोना के मरीजों को मेडिटेशन भी कराया जा रहा है ताकि वे डिप्रेशन से बच सकें।
 
कोरोना के मरीज ऐसी लें अपनी डाइट
कोरोना से ठीक होने के बाद मरीज को प्रोटीन युक्त चीजें लेते रहना चाहिए। इसके लिए चना, मूंग, मोठ के अंकुरित अनाज, पनीर, अंडे का सफेद हिस्सा, दूध, दही, सोयाबीन और कई सभी प्रकार की दालें ज्यादा खानी चाहिए। इसके अलावा अन्य पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए फल और हरी सब्जियां खानी चाहिए। इनमें एंटी ऑक्सीडेंट पाया जाता है। इसके अलावा वसायुक्त भोजन जैसे मैदा, ब्रेड, आदि चीजों से परहेज करना चाहिए।

अधिक जानकारी के लिए देखें - https://www.myupchar.com/disease/covid-19
स्वास्थ्य आलेख www.myUpchar.com द्वारा लिखे गए हैं, जो सेहत संबंधी भरोसेमंद जानकारी प्रदान करने वाला देश का सबसे बड़ा स्रोत है। 

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  • Web Title:Coronavirus: problem of fatigue in patients recovering from corona keep catering care in this way