DA Image
5 जनवरी, 2021|10:56|IST

अगली स्टोरी

कोरोना : क्या कोरोना के मरीज घर पर ठीक हो सकते हैं? जानें ऐसे ही मिथ और सच्चाई

characteristics of covid-19 found in station master of izatnagar division

इन दिनों कोरोना वायरस को लेकर कई तरह के मिथक प्रचलित हो रहे हैं। इन्हें लेकर आम लोगों में काफी भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। क्या है, इन मिथकों की सच्चाई, इस बारे में आपको बता रहा है ‘हिन्दुस्तान'

मिथ: सभी संक्रमितों को ऑक्सीजन और वेंटीलेटर की जरूरत पड़ती है?

हकीकत: ऐसा बिल्कुल नहीं है। चीन के वुहान से मिले आंकड़ों के अनुसार, एक तिहाई से अधिक मरीजों यानी 41.3 फीसदी मरीजों को ही ऑक्सीजन की जरूरत पड़ेगी और करीब 6.1 प्रतिशत को मैकेनिकल वेंटिलेशन की। वहीं करीब 3.4 प्रतिशत में एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम (एआरडीएस) की समस्या होती है, जिसके कारण फेफड़ों में द्रव जमा होने लगता है।

मिथ: कोरोना संक्रमण के मरीज घर पर ठीक हो सकते हैं?

हकीकत: यह ठीक है कि बहुत सारे लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण सामान्य फ्लू जितने ही दिखाई देते हैं, लेकिन यह सोचना गलत है कि यह फ्लू की तरह ठीक भी हो जाएगा। सात दिन अलग और घर में रहने पर भी तेज बुखार, लगातार खांसी, सांस लेने में दिक्कत, बेहोशी, छाती में दर्द जैसी समस्याएं हैं, तो चिकित्सक के पास जाने या हेल्पलाइन नंबर पर बात करने में देरी न करें। कोरोना वायरस का संक्रमण फेफड़ों पर बहुत बुरा असर डालता है। संक्रमण बढ़ने पर किडनी, दिल समेत दूसरे अंगों पर बुरा असर पड़ सकता है। साथ ही, दूसरे लोग भी संक्रमित हो सकते हैं।

मिथ: छोटे बच्चों को मास्क पहनना जरूरी है?

हकीकत: दो साल से कम उम्र के बच्चों को मास्क न पहनाएं। ऐसे बच्चे तकलीफ होने पर खुद मास्क नहीं हटा सकते। दो साल से ऊपर के बच्चों के लिए घर से बाहर कई लोगों के बीच होने पर मुंह और नाक को कपड़े से ढकना ही काफी है। सामाजिक दूरी रखना, हाथ बार-बार धोना अभी तक सबसे सुरक्षित उपाय हैं। एक बात यह भी ध्यान रखें कि मास्क पहनने वाले को इतना नहीं बचाता, जितना कि उसके संक्रमण को दूसरों में फैलने से रोक सकता है, क्योंकि एक बड़ी संख्या ऐसे लोगों की भी है, जो संक्रमित तो हैं, पर उनमें किसी तरह के लक्षण दिखाई नहीं पड़ रहे हैं।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Corona: Can Corona patients recover at home know myth and truth