DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   Union Budget 2020:नए बजट में पोषण संबंधी कार्यक्रमों के लिए 35,600 करोड़ रुपये का प्रावधान

हेल्थUnion Budget 2020:नए बजट में पोषण संबंधी कार्यक्रमों के लिए 35,600 करोड़ रुपये का प्रावधान

लाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Manju
Sat, 01 Feb 2020 03:08 PM
Union Budget 2020:नए बजट में पोषण संबंधी कार्यक्रमों के लिए 35,600 करोड़ रुपये का प्रावधान

महिलाओं के कार्यक्रम के लिए 28,600 करोड़ रुपये का आवंटन शिक्षा के सभी स्तरों में छात्राओं का नामांकन अनुपात छात्रों से अधिक वर्ष 2020-21 के लिए अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के कल्याण के लिए 85,000 करोड़ रुपये का प्रावधान वर्ष 2020-21 के लिए अनुसूचित जनजाति के कल्याण के लिए 53,700 करोड़ रुपये का आवंटन वर्ष 2020-21 के लिए वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगों के कल्याण के लिए 9500 करोड़ रुपये का प्रावधान लड़कियों के मां बनने की उम्र के मामले की जांच के लिए कार्यबल गठित किया जाएगा

एक जिम्मेदार समाज के महत्व को रेखांकित करते हुए केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज संसद में पेश किए गए केन्द्रीय बजट 2020-21 में महिला एवं बच्चों तथा सामाजिक कल्याण पर केन्द्रित कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे।

महिला एवं बाल  

लोकसभा के अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा, ‘मुझे सदन को यह बताते हुए बड़ी खुशी है कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के आश्चर्यजनक रूप से सुखद नतीजे देखने को मिले है। शिक्षा के सभी स्तरों पर लड़कियों का सकल नामांकन अनुपात लड़कों से अधिक है। प्राथमिक स्तर पर लड़कियों का नामांकन अनुपात 94.32 प्रतिशत है, जबकि लड़कों में यह अनुपात 89.28 प्रतिशत है। माध्यमिक और उच्च शिक्षा स्तर पर भी यहीं रूझान देखने को मिले है।’

स्वास्थ्य के महत्वपूर्ण घटक के रूप में पोषण को रेखांकित करते हुए श्रीमती सीतारमण ने वर्ष 2020-21 के लिए पोषण संबंधी कार्यक्रमों हेतु 35,600 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने पोषण अभियान का जिक्र किया, जिसे वर्ष 2017-18 में बच्चों (0-6 वर्ष), किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान करने वाली माताओं की पोषणात्मक स्थिति में सुधार के लिए लांच किया गया था। वित्त मंत्री ने कहा कि 10 करोड़ से अधिक परिवारों की पोषणात्मक स्थिति को अपलोड करने के लिए 6 लाख से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन दिए गए है। यह अभूतपूर्व है।

अपने बजट भाषण में श्रीमती सीतारमण ने कहा कि भारत की प्रगति से महिलाओं के लिए अवसर उपलब्ध हो रहे है। वे उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकती है और अपने कैरियर को संवार सकती है। इसलिए लड़कियों के मां बनने की उम्र संबंधी पूरे मामले को नए दृष्टिकोण से देखने की जरूरत है। उन्होंने इस उद्देश्य के लिए एक कार्यबल के गठन का प्रस्ताव, जो 6 महीने की अवधि में अपनी सिफारिशें देगा।

महिलाओं के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए वित्त मंत्री ने महिला विशिष्ट कार्यक्रमों के लिए 28,600 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव दिया।

सामाजिक कल्याण

सिर पर मैला ढोने की प्रथा के बारे में वित्त मंत्री ने कहा, ‘हमारी सरकार कृत संकल्प है कि सीवर प्रणाली या सेफ्टिक टैंक की सफाई का काम हाथ से नहीं किया जाएगा। आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने ऐसे कार्यों के लिए उपयुक्त प्रौद्योगिकियों की पहचान की है। यह मंत्रालय इन प्रौद्योगिकियों को अपनाने के लिए शहरी स्थानीय निकायों के साथ कार्य कर रहा है।’ उन्होंने इसे विधायी एवं संस्थागत परिवर्तनों के माध्यम से तार्किक निर्णय पर ले जाने का प्रस्ताव दिया।

वित्त मंत्री ने अनुसूचित जातियों एवं अन्य पिछड़ा वर्गों के कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता के आलोक में वर्ष 2020-21 के लिए 85,000 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान का प्रस्ताव दिया। बजट प्रस्ताव में श्रीमती सीतारमण ने अनुसूचित जनजातियों के कल्याण तथा विकास के लिए वर्ष 2020-21 के दौरान 53,700 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव दिया।

वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए वित्त मंत्री ने वर्ष 2020-21 के लिए बजट में 9500 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव दिया।

इस आर्टिकल को शेयर करें
लाइव हिन्दुस्तान टेलीग्राम पर सब्सक्राइब कर सकते हैं।आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं? हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें।

सब्सक्राइब करें हिन्दुस्तान का डेली न्यूज़लेटर

सब्सक्राइब
अपडेट रहें हिंदुस्तान ऐप के साथ ऐप डाउनलोड करें

संबंधित खबरें