DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

तेल मालिश के होते हैं अनेक फायदे, मालिश करते वक्त बरते सावधानी

तेल मालिश के होते हैं अनेक फायदे
तेल मालिश के होते हैं अनेक फायदे

सर्दी का आवरण हट रहा है। लोग धूप में निकलने और बैठने लगे हैं। अब वक्त है ठंडक के बाद शरीर को धूप की गुनगुनी गर्माहट देने का। ऐसे में धूप में बैठकर अगर तेल मालिश या मसाज भी कर ली जाए, तो सोने पे सुहागा। इससे कई लाभ होते हैं, जिनके बारे में विस्तार से बता रहे हैं नरेश तनेजा

हम बड़ों से ही नहीं, विशेषज्ञों से भी सुनते आए हैं कि तेल मालिश के ढेर सारे फायदे हैं। खासकर त्वचा की सेहत को ध्यान में रखते हुए काफी लोग इसका पर्याप्त इस्तेमाल भी करते हैं। तो आप भी क्यों न खासकर इस मौसम में तेल मालिश के फायदों के बारे में जानें और इसका लाभ उठाएं। 
 

तेल मालिश के फायदे
तेल मालिश के फायदे

तेल मालिश के फायदे

त्वचा में आई खुश्की दूर होती है। 
त्वचा की झुर्रियां दूर होती हैं।
त्वचा में चमक आती है।
ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।
शरीर की नस-नाड़ियों को ताकत मिलती है।
मांसपेशियों की कमजोरी दूर होती है।
थकान दूर होती है।
शरीर में ताकत महसूस होती है।
औषधीय तेलों का इस्तेमाल किया जाए, तो हड्डियां मजबूत होती हैं।
गठिया, हड्डियों का टेड़ा-मेढ़ा होना, सिरदर्द, दिमाग की कमजोर आदि दूर होती 

मालिश करते वक्त बरतें सावधानियां
मालिश करते वक्त बरतें सावधानियां

मालिश करते वक्त बरतें सावधानियां
हो सके तो धूप में बैठकर गुनगुने तेल से मालिश करें। इसके कई लाभ होते हैं।
ज्यादा ठंडी हवा में खुले बदन मालिश न करें, इससे ठंड लग सकती है।
मालिश के तुरंत बाद ठंडे पानी से न नहाएं। 
एकदम नहाकर धूप में आकर न बैठें, सर्द-गर्म हो सकता है।

सावधानी
मालिश के लिए महानारायण तेल, नारायणी तेल आदि कई औषधीय तेल भी बाजार में मिलते हैं। इनका इस्तेमाल विशेषज्ञ की सलाह के बगैर न करें।

अलग-अलग तेलों के लाभ
मालिश के लिए अलग-अलग तेलों का इस्तेमाल किया जाता है। अलग-अलग तेल से मालिश के अलग-अलग लाभ होते हैं। 

सरसों के तेल के लाभ

ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है।
त्वचा में निखार आता है। 
मांसपेशियों का तनाव दूर होता है।
धूप में सरसों के तेल की मालिश से शरीर में सूर्य की किरणों से मिलने वाला विटामिन-डी अच्छी तरह समा जाता है।
शरीर के पसीना लाने वाले ग्लैंड्स सक्रिय हो जाते हैं, जिससे शरीर के विषैले तत्व आसानी से बाहर निकल जाते हैं।
सरसों के तेल में एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीवायरल गुण होते हैं। इसे शरीर पर लगाने या खाने से भी त्वचा के संक्रमण की आशंका कम हो जाती है।
इसमें विटामिन ई भी होता है, जिससे त्वचा की झुर्रियां आदि दूर होती हैं।
सरसों के तेल की तासीर गर्म होती है। सर्दियों में इसके इस्तेमाल से सर्दी से भी बचाव होता है।

तिल का तेल
तिल का तेल

तिल का तेल

तिल के तेल में अल्ट्रावायलेट किरणों से रक्षा करने का प्राकृतिक गुण होता है। इसके नियमित इस्तेमाल से सूर्य की किरणों के सीधे संपर्क में आने पर भी किरणों के हानिकारक प्रभाव से रक्षा होती है, जिससे त्वचा पर बढ़ती उम्र के असर कम दिखते हैं।

तिल के तेल का इस्तेमाल हवा में मौजूद प्रदूषण और धुएं के दुष्प्रभावों से भी रक्षा करता है। 
तिल का तेल अपने एंटीबैक्टीरियल और एंटीइन्फ्लेमेटरी गुणों के कारण सभी तरह की त्वचा के लिए सुरक्षित होता है। इसलिए इसे एक्ने वाली त्वचा पर भी लगाया जा सकता है।

तिल का तेल कॉपर, मैगनीज, कैल्शियम और मैग्नीशियम से भरपूर होता है। इसमें एंटी- ऑक्सिडेंट तत्व भी पाए जाते हैं, जिससे यह आसानी से त्वचा में समाकर त्वचा को मुलायम बना देता है।
तिल के तेल में विटामिन ई, विटामिन बी कॉम्प्लेक्स और विटामिन डी की उच्च मात्रा होती है, जो शरीर के लिए बहुत जरूरी है।

तिल के तेल में विषैले तत्वों को दूर करने के गुण होने के कारण इसे मालिश के लिए बहुत अच्छा माना गया है। इसकी मालिश से पर्यावरण से शरीर में दाखिल हुए विषैले तत्व पूरी तरह बाहर निकल जाते हैं और शरीर काफी शुद्ध हो जाता है।

अतिबला (खरैटी) का तेल 
अतिबला से बने तेल को नर्वस सिस्टम के सभी तरह के विकारों, जोड़ों के दर्द, मांसपेशियों की जकड़न, लंबी बीमारी के बाद की कमजोरी दूर करने और चेहरे के लकवे की दशा में कारगर माना गया है, जिसका इस्तेमाल विशेषज्ञों द्वारा किया जाता है।

अन्य तेल
शरीर में दर्द को दूर करने के लिए सरसों के तेल में अजवाइन या लहसुन पकाकर मालिश करना भी अच्छा माना जाता है। बच्चों की मालिश के लिए बेबी ऑयल भी आते हैं।
(विवेकानन्द योग एवं प्राकृतिक हॉस्पिटल के डायरेक्टर आचार्य विक्रमादित्य से की गई बातचीत 
पर आधारित)

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Benefits of Oil Massage and its types