DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

फरीदाबाद : कांत एंक्लेव में बंगला मालिकों के खंगाले गए रिकॉर्ड

कांत एंक्लेव के इलाके में कई आलीशान बंगलों में लोग कई साल से रह रहे हैं। हिन्दुस्तान

फरीदाबाद में कांत एंक्लेव को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बुधवार को जिला नगर योजनाकार ने मौके पर जाकर सर्वे का काम शुरू कर दिया है। योजनाकार की टीम ने बुधवार को कांत एंक्लेव में जाकर बंगलों के निर्माणों की जांच शुरू कर दी है। जल्द ही जिला नगर योजनाकार दस्ता सर्वे के आधार पर उन निर्माणों के बारे में रिपोर्ट तैयार करेगी, जो नोटिफिकेशन होने के बाद बनाए गए।

सुप्रीम कोर्ट ने दिया फरीदाबाद के कांत एंक्लेव को ढहाने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट के आए आदेश के बाद जिला नगर योजनाकार विभाग ने कांत एंक्लेव का रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया है। इस दौरान बिल्डिंग प्लान से लेकर विभाग की ओर से दिए जाने वाले ओकेपेशन सर्टिफिकेट की जांच शुरू कर दी है। इस दौरान यह पता लगाया जा रहा है कि किस मकान का नक्शा कब और किसने पास किया?

वन आरक्षित क्षेत्र में होती रही रजिस्ट्री

यही नहीं इस सबके बावजूद वन आरक्षित क्षेत्र में जमीन की रजिस्ट्री होती रही। उस समय न तो वन विभाग की ओर से ही कोई आपत्ति प्रमाण पत्र दर्ज कराया गया और न ही अन्य विभागों की ओर से। अरावली में रजिस्ट्री होने से सरकार अपने खजाने को भरती रही। जिसका खामियाजा आज कांत एन्क्लेव के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। अगर समय रहते नियमों का ख्याल रखा गया होता तो शायद ये दिन नहीं देखने पड़ते।

पर्यावरण कमेटी ने किया था दौरा

वर्ष 2007 में पलवल विधायक करन दलाल हरियाणा सरकार में पर्यावरण कमेटी के चेयरमैन थे। विधायक करन दलाल ने बताया कि उनकी अध्यक्षता में कमेटी ने अरावली की वन संरक्षित भूमि पर किए गए निर्माणों को लेकर कांत एन्क्लेव समेत कई निर्माणों का जायजा लिया था। वन संरक्षित भूमि पर इस तरह का निर्माण करना गलता था, जिसकी रिपोर्ट तैयार करके सरकार को दी गई थी। यही नहीं, इस क्षेत्र में और भी काफी संख्या में निर्माण मिले थे।

बिजली विभाग भी सूची बनाने में जुटा 

सुप्रीम कोर्ट की ओर से कांत एन्क्लेव को तोड़ने के आए आदेश के बाद बिजली निगम भी अलर्ट हो गया है। अधीक्षण अभियंता पीके चौहान ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर ऐसे उपभोक्ताओं का पता लगाए जाने को कहा है, जिन पर बिजली निगम का बिल बकाया है। 

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कान्त एन्क्लेव का सर्वे शुरू

जानकारी के मुताबिक कार्यकारी अभियंता श्यामबीर सैनी ने बताया कि मथुरा रोड बिजली दफ्तर के एसडीओ सुरेंद्र मेहरा के नेतृत्व में एक बिजली कर्मचारियों की टीम बनाई गई है, जो कांत एन्क्लेव में मीटरों की जांच करके उनके बिलों पर नजर रखेंगे। कॉलोनी के अंतर्गत अगर किसी उपभोक्ता ने बिजली का बिल जमा नहीं कराया *है तो उसका मीटर काटने के आदेश जारी किए हैं। 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Records Checked of Bungalow owners in Kant Enclave at Faridabad