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हरियाणा सरकार को HC से झटका, नौकरियों में सामाजिक-आर्थिक आधार पर आरक्षण असंवैधानिक करार

पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के इस फैसले से सूबे की रुकी हुई नियुक्तियों का रास्ता साफ हो गया है। सरकार ने नौकरियों में सामाजिक व आर्थिक आधार पर पिछले आवेदकों को 5 अंक देने का प्रावधान किया गया था।

हरियाणा सरकार को HC से झटका, नौकरियों में सामाजिक-आर्थिक आधार पर आरक्षण असंवैधानिक करार
Niteesh Kumarमोनी देवी, लाइव हिन्दुस्तान,चंडीगढ़Fri, 31 May 2024 09:16 PM
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पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा सरकार को बड़ा झटका दिया है। सरकार के नौकरियों में सामाजिक-आर्थिक आधार पर दिए जाने वाले आरक्षण को एचसी ने असंवैधानिक करार दिया। हाई कोर्ट के इस फैसले से सूबे की रुकी हुई नियुक्तियों का रास्ता साफ हो गया है। सरकार ने नौकरियों में सामाजिक व आर्थिक आधार पर पिछले आवेदकों को 5 अंक देने का प्रावधान किया गया था। इस प्रावधान को चुनौती देने वाली याचिका के निपटारे के साथ ही प्रदेश में हजारों नियुक्तियों का रास्ता साफ हो गया है।

पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में सरकार के सामाजिक-आर्थिक आरक्षण के विरोध में एक याचिका दाखिल की गई थी। इस याचिका में बताया गया कि प्रदेश सरकार ने संविधान के खिलाफ जाकर सामाजिक आर्थिक आधार पर आरक्षण दिया है। इस आरक्षण के तहत जिस परिवार में कोई भी सरकारी नौकरी पर न हो और परिवार की आमदनी कम हो तो ऐसे परिवार से आने वाले आवेदक को सामाजिक व आर्थिक आधार पर 5 अतिरिक्त अंकों का लाभ देने का प्रावधान किया गया था। 

याचिका में क्या किया गया था दावा 
हाई कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया कि संविधान के अनुरूप सामाजिक व आर्थिक आधार पर आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा सकता। हाई कोर्ट ने सामाजिक व आर्थिक आधार पर आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए नियुक्तियों पर रोक लगा दी थी। हाई कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुनाते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि सामाजिक आर्थिक आधार पर आरक्षण का फैसला संविधान के खिलाफ है। हाई कोर्ट ने इस प्रावधान को रद्द करते हुए याचिका का निपटारा कर दिया। हाई कोर्ट के इस फैसले से ग्रुप सी और डी के अलावा टीजीटी भर्ती पर असर पड़ेगा। इन भर्तियों में अब 5 नंबर का फायदा नहीं मिलेगा। वहीं, इन नंबरों के आधार पर ग्रुप सी के 20 ग्रुप जिन भर्तियों में नियुक्ति मिल चुकी है, उन पर भी दोबारा परीक्षा हो सकती है।