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हरियाणा के 7 जिलों में फिर से बहाल हुई इंटरनेट सर्विस, किसान आंदोलन के कारण था बंद

Kisan Andolan: हरियाणा के अंबाला, कुरूक्षेत्र, कैथल, जिंद, हिसार, फतेहाबाद और सिरसा में इंटरनेट और मोबाइल पर बल्क एसएमस सर्विस फिर से बहाल कर दी गई है। हरियाणा सरकार ने यह फैसला लिया है।

हरियाणा के 7 जिलों में फिर से बहाल हुई इंटरनेट सर्विस, किसान आंदोलन के कारण था बंद
Himanshu Jhaलाइव हिन्दुस्तान,चंडीगढ़।Sun, 25 Feb 2024 10:23 AM
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किसान आंदोलन की वजह से हरियाणा के सात जिलों में बंद मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को फिर से बहाल कर दी गई है। किसान संगठनों के दिल्ली चलो आह्वान को ध्यान में रखते हुए 11 फरवरी से मोबाइल सेवाएं निलंबित की गई थीं। हरियाणा के अंबाला, कुरूक्षेत्र, कैथल, जिंद, हिसार, फतेहाबाद और सिरसा में इंटरनेट और मोबाइल पर बल्क एसएमस सर्विस फिर से बहाल कर दी गई है। हरियाणा सरकार ने यह फैसला लिया है।

आपको बता दें कि किसानों ने 29 फरवरी तक के लिए दिल्ली चलो अभियान को टाल दिया है। हालांकि, पंजाब-हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन जारी है।

आचार संहिता लागू होने के बाद भी जारी रहेगा आंदोलन
किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने शनिवार को कहा कि दिल्ली चलो मार्च में भाग ले रहे किसान अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन खत्म नहीं करेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि लोकसभा चुनावों के लिए आदर्श आचार संहिता लागू हो जाने के बाद भी किसानों का आंदोलन जारी रहेगा।

हजारों किसान हरियाणा से लगी पंजाब की खनौरी और शंभू सीमाओं पर अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और ट्रकों के साथ डेरा डाले हुए हैं। इससे पहले, फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी सहित विभिन्न मांगों के लिए केंद्र पर दबाव बनाने के लिए उनके दिल्ली मार्च को सुरक्षा बलों द्वारा रोक दिया गया था। बुधवार को संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) के नेतृत्व में दिल्ली चलो मार्च को खनौरी में हुई झड़प में एक प्रदर्शनकारी किसान की मौत हो जाने और लगभग 12 पुलिसकर्मियों के घायल होने के बाद किसान नेताओं ने दो दिनों के लिए रोक दिया था।

29 फरवरी को होगी अगले कदम की घोषणा
शंभू सीमा पर पत्रकारों से बात करते हुए केएमएम नेता पंधेर ने कहा कि वह 29 फरवरी को अपने अगले कदम की घोषणा करेंगे। उन्होंने कहा कि यह निश्चित है कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक मांगें पूरी नहीं हो जाती। अगर केंद्र कल हमारी मांगें मान लेता है तो आंदोलन खत्म हो जाएगा। निर्वाचन आयोग द्वारा लोकसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा करने पर आदर्श आचार संहिता लागू होने के बारे में पंधेर ने कहा कि हमें सांसदों को टिकट नहीं बांटना है। इसलिए, हमें आदर्श आचार संहिता के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है। हम मतदान केंद्रों पर प्रचार नहीं करने जा रहे हैं।

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