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दाऊद के गुर्गों से लड़ने वाला दिल्ली पुलिस का पूर्व जवान महेंद्रगढ़ जिला प्रशासन के सामने हुआ बेबस, जानिए क्या है मामला?

महेंद्रगढ़ | वार्ताPublished By: Praveen Sharma
Fri, 17 Sep 2021 05:22 PM
दाऊद के गुर्गों से लड़ने वाला दिल्ली पुलिस का पूर्व जवान महेंद्रगढ़ जिला प्रशासन के सामने हुआ बेबस, जानिए क्या है मामला?

दिल्ली पुलिस के जिस सिपाही ने वर्ष 1998 में राजधानी के जामा मस्जिद इलाके में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम गिरोह के गुर्गों को निहत्थे दबोच कर अदम्य साहस का परिचय दिया था, वही सिपाही रिटायरमेंट के बाद हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में प्रशासन से अपनी जमीन के लिए लड़ाई लड़ रहा है।

दिल्ली पुलिस से स्वैच्छिक सेवानिवृति (वीआरएस) ले चुके सिपाही सुरजीत सिंह को इस दिलेरी के लिए जनवरी 1999 में तत्कालीन पुलिस कमिश्नर वी.एन. सिंह ने एक प्रशस्ति पत्र और पांच हजार रुपये की नकद राशि देकर सम्मानित किया था, लेकिन अब वही सिपाही महेंद्रगढ़ जिला प्रशासन से अपनी जमीन पर जबरन बनाई गई नहर के मामले में कानूनी लड़ाई लड़कर टूट चुका है।

सुरजीत सिंह ने बताया कि महेंद्रगढ़ सिंचाई विभाग ने उनकी जमीन पर जबरन नहर बनाने की कोशिश की थी और जब उन्होंने वह मामला कनीना अदालत में डाला तो अदालत के आदेश पर 15 अप्रैल 2019 को तहसीलदार ने जमीन की पैमाईश कराई और और उस समय तहसीलदार ने अदालत में पेश अपनी रिपोर्ट में कहा था कि वह जमीन उनकी पत्नी चंद्रकला के नाम है, लेकिन अदालती आदेशों की परवाह किए बगैर सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने 24 अप्रैल 2019 की रात पुलिस बंदोबस्त में उनकी जमीन पर जबरन नहर बना दी।

सुरजीत सिंह ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय में भी गुहार लगाई और इसके बाद सिंचाई विभाग से जब मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्पष्टीकरण मांगा तो कहा गया कि यह नहर सिंचाई विभाग की अधिग्रहित जमीन पर ही बनाई गई है, जबकि तहसीलदार कनीना ने पहले ही अपनी रिपोर्ट में कहा था कि यह जमीन उनकी पत्नी चंद्रकला के नाम है।

जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के इस  गैर जिम्मेदाराना रवैये को देखकर सुरजीत सिंह बुरी तरह टूट चुके हैं। सुरजीत सिंह ने सिंचाई विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव देविंदर सिंह से भी गुहार लगाई है कि या तो उनकी जमीन के बदले में कहीं और जमीन का टुकड़ा मुहैया कराया जाए या फिर उन्हें मुआवजा दिया जाए। 

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