
दलित IPS की आत्महत्या का मामला, पत्नी की आपत्ति के बाद पुलिस ने FIR में और धाराएं जोड़ीं
संक्षेप: हरियाणा सरकार ने रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया का तबादला कर दिया। बिजारणिया उन पुलिसकर्मियों में से एक हैं जिनके खिलाफ पूरण कुमार की पत्नी ने उनके पति को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में कार्रवाई की मांग की है।
हरियाणा के आईपीएस अधिकारी पूरण कुमार की आत्महत्या मामले में SC/ST एक्ट के संबंधित प्रावधान जोड़ने की उनकी पत्नी की अपील के बाद पुलिस ने इस मामले में दर्ज FIR में और आरोपों को शामिल किया है। पूरण की पत्नी व सीनियर आईएएस अधिकारी अमनीत कुमार ने पुलिस को लिखे पत्र में कहा था, ‘प्राथमिकी में एससी/एसटी अधिनियम की कमजोर धाराओं को संशोधित किया जाना चाहिए। एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3 (2) (पांच) इस मामले में लागू होने वाली उपयुक्त धारा है।

आत्महत्या के मामले की जांच के लिए गठित 6 सदस्यीय विशेष दल का नेतृत्व कर रहे चंडीगढ़ के आईजी पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि प्राथमिकी में अधिनियम की धारा 3 (2) (5) लगाई गई है। पूरण कुमार के परिवार ने अपनी मांगें पूरी होने तक पोस्टमार्टम के लिए सहमति देने से इनकार कर दिया है। हरियाणा सरकार ने शनिवार को रोहतक के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारणिया का तबादला कर दिया। बिजारणिया उन पुलिसकर्मियों में से एक हैं जिनके खिलाफ पूरण कुमार की पत्नी ने उनके पति को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में कार्रवाई की मांग की है। IPS अधिकारी सुरिंदर सिंह भोरिया को रोहतक का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है और बिजारणिया की नियुक्ति का आदेश अलग से जारी किया जाएगा।
खुद को गोली मारकर आत्महत्या
भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 2001 बैच के अधिकारी वाई पूरण कुमार ने मंगलवार को चंडीगढ़ सेक्टर 11 में स्थित अपने आवास पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। कुमार ने सुसाइड नोट में कुछ अधिकारियों का नाम लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। नोट में बिजारणिया और हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर सहित 8 वरिष्ठ पुलिसकर्मियों पर जाति-आधारित भेदभाव, मानसिक उत्पीड़न, सार्वजनिक अपमान और अत्याचार का आरोप लगाया गया था। अमनीत ने एसएसपी कंवरदीप कौर को लिखे पत्र में FIR में आरोपियों के नाम दर्ज करने की मांग की। शत्रुजीत कपूर और बिजारणिया का विशेष तौर पर जिक्र किया।
तत्काल गिरफ्तारी की मांग
चंडीगढ़ पुलिस की प्रारंभिक प्राथमिकी मृतक पुलिस अधिकारी के अंतिम नोट पर आधारित थी। उसमें एससी/एसटी अधिनियम की धारा (3(5) (आत्महत्या के लिए उकसाना) और 3 (1) (आर) (अत्याचार निवारण) से साथ पढ़ा जाए) के तहत आरोप लगाए गए थे। अमनीत ने बुधवार को लिखी अपनी शिकायत में कपूर और बिजारणिया की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। एससी/एसटी धारा उस मामले को संदर्भित करती है जब कोई व्यक्ति, जो अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति का सदस्य नहीं है, किसी सार्वजनिक स्थान पर एससी/एसटी के सदस्य को अपमानित करने के इरादे से जानबूझकर अपमानित करता है या धमकाता है।
10 साल तक कारावास का प्रावधान
अधिनियम की नई जोड़ी गई धारा 3 (2) (पांच) के अनुसार, भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) के अंतर्गत 10 वर्ष या उससे अधिक अवधि के कारावास से दंडनीय कोई भी अपराध अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति के विरुद्ध करने पर आजीवन कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। हरियाणा के मंत्रियों कृष्ण लाल पंवार, कृष्ण कुमार बेदी, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने पूरण कुमार के परिवार से शनिवार को मुलाकात की ताकि मृतक के पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार के लिए उन्हें राजी किया जा सके। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इस मामले पर पहली बार सार्वजनिक टिप्पणी करते हुए मृतक के परिजनों को आश्वासन दिया कि उन्हें न्याय मिलेगा।

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Niteesh Kumarलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




