
IPS पूरन और ASI संदीप लाठर का 'गनर' कनेक्शन, जानें रिकॉर्डिंग और रुपये वाली बात
संक्षेप: IPS Y Puran Kumar Case: पूरन कुमार के सुसाइड से एक दिन पहले, यानी 6 अक्टूबर को मृतक एएसआई संदीप ने उनके गनमैन को गिरफ्तार किया था। गनमैन को 2.5 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया था। पूछताछ में गनमैन सुशील ने कबूल किया कि वह आईजी पूरन कुमार के इशारे पर रकम वसूल रहा था।
हरियाणा के आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार ने 7 अक्टूबर 2025 को अपनी जान दे दी थी। उनके सुसाइड के ठीक एक सप्ताह बाद, यानी 14 अक्टूबर को रोहतक में एएसआई संदीप लाठर ने भी खुद को गोली मार ली। संदीप साइबर सेल में कार्यरत थे और पूरन कुमार पर लगे आरोपों की तफ्तीश कर रहे थे। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर संदीप ने इतने कम समय में यह कदम क्यों उठाया? क्या इसका आईपीएस पूरन कुमार से कोई गहरा संबंध है? इसकी पड़ताल के लिए हमें थोड़ा पीछे लौटना पड़ेगा।

गनमैन की गिरफ्तारी और रिश्वतकांड
दरअसल, पूरन कुमार के सुसाइड से एक दिन पहले, यानी 6 अक्टूबर को मृतक एएसआई संदीप ने उनके गनमैन को गिरफ्तार किया था। गनमैन को 2.5 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान गनमैन सुशील ने कबूल किया कि वह शराब के कारोबारी से आईजी पूरन कुमार के इशारे पर यह रकम वसूल रहा था। जांच में सामने आया कि एक शराब ठेकेदार को किसी गैंगस्टर ने धमकी दी थी और पैसे की मांग की थी। ठेकेदार ने मदद के लिए पूरन कुमार से मदद की मांग की। आरोप है कि सहायता के बदले शराब कारोबारी से 2.5 लाख रुपये की मांग की गई। गनमैन सुशील के इस कबूलनामे की वीडियो रिकॉर्डिंग भी तैयार की गई।
रिश्वतखोरी मामले में पूरन का नाम
गनमैन की गिरफ्तारी के बाद रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजरानिया ने बयान जारी कर कहा कि इस रिश्वतखोरी में आईजी पूरन कुमार का नाम आया है। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि आरोपी ने अपने बयान में स्वीकार किया कि ये पैसे पूरन कुमार के निर्देश पर लिए गए थे। बताया जाता है कि रोहतक में एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही पूरन कुमार परेशान चल रहे थे।
7 अक्टूबर को पूरन ने दी थी जान
गौरतलब है कि 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी पूरन कुमार ( 52) ने 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित अपने आवास पर गोली मारकर आत्महत्या की। मरने से पहले उन्होंने कथित रूप से आठ पन्नों का सुसाइड नोट लिखा, जिसमें हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक के पूर्व एसपी नरेंद्र बिजरानिया सहित आठ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों पर उन्हें तंग करने और उनकी इमेज बिगाड़ने का आरोप लगाया। नोट में जातिगत भेदभाव सहित अन्य उत्पीड़न की घटनाओं का भी जिक्र है। फिलहाल प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए चंडीगढ़ आईजी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की है।

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