पीएम मोदी की तुलना हिटलर से करने वाले प्रोफेसर पर गिरी गाज, यूनिवर्सिटी ने किया निलंबित
हरियाणा की ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के असोसिएट प्रोफेसर को कथित तौर पर पीएम मोदी की तुलना हिटलर से करने के लिए निलंबित कर दिया गया है। एक छात्र के पिता ने आरोप लगाया कि पीएम की तारीफ करने पर प्रोफेसर ने उसके बेटे को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया।

हरियाणा के सोनीपत की एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर को प्रधानमंत्री मोदी की तुलना हिटलर से करने को लेकर निलंबित कर दिया गया है। प्रोफेसर पर आरोप है कि उसने न केवल प्रधानमंत्री मोदी के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया, बल्कि भारत की सुरक्षा नीतियों को भी महज दिखावा और प्रचार का प्रयास बताया। एक छात्र ने जब इसका विरोध किया और अपने निबंध में सुरक्षा व्यवस्था की तारीफ की, तो सार्वजनिक रूप से उसका अपमान करके उसे फेल कर दिया गया।
भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक छात्र के पिता ने जब इस बारे में हरियाणा मानवाधिकार आयोग में इसकी शिकायत की। इसके बाद यूनिवर्सिटी ने प्रोफेसर को निलंबित कर दिया। छात्र के पिता ने आरोप लगाया था था कि उनके बेटे को लगातार उत्पीड़न, अपमान और भेदभावपूर्ण व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उसके मानसिक स्वास्थ्य और शैक्षणिक प्रदर्शन पर बुरा असर पड़ रहा है।
क्या था मामला?
ग्रेजुएशन प्रथम वर्ष के छात्र विख्यात बजाज के पिता विश्व बजाज ने नवंबर में दायर की गई अपनी याचिका में बताया कि उनके बेटे ने 31 अक्टूबर 2025 को 'उरी: सर्जिकल स्ट्राइक' पर एक निबंध लिखा था, जो विश्वविद्यालय के शिक्षकों को पसंद नहीं आया। इसके परिणामस्वरूप, 3 नवंबर को कक्षा में उनके बेटे के साथ दुर्व्यवहार किया गया।
इसके बाद 7 नवंबर को एसोसिएट प्रोफेसर द्वारा पढ़ाए जा रहे ''प्रतिनिधित्व की राजनीति'' नामक पाठ्यक्रम के दौरान ऐसी टिप्पणियां की गईं जो ''राजनीतिक रूप से अपमानजनक, भड़काऊ और बेहद परेशान करने वाली'' थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन टिप्पणियों में '"प्रधानमंत्री की तुलना (जर्मन तानाशाह) एडॉल्फ हिटलर से करना, और राष्ट्रीय सुरक्षा अभियानों को महज दिखावा और प्रचार'' बताना शामिल था।
आरोप के अनुसार शिकायतकर्ता के बेटे ने भारत सरकार, प्रधानमंत्री और भारतीय सेना की प्रशंसा की थी, इसलिए कुछ विशेष राजनीतिक विचारों वाले प्राध्यापकों ने उसका उत्पीड़न शुरू कर दिया। विश्व बजाज ने बताया कि उनके बेटे को उरी पर लिखे निबंध के लिए कक्षा में सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया और वह उस विषय में फेल हो गया।
छात्र के पिता के मुताबिक बार-बार परेशान किए जाने के कारण उनके बेटे ने यूनिवर्सिटी के चांसलर को लिखित में शिकायत दी। इसके बाद डीन द्वारा जांच कराई गई, जिसमें पाया गया कि विख्यात को फेल करना गलत था। बाद में उसे आतंरिक परीक्षा द्वारा पास कर दिया गया।
छात्र के पिता ने दावा किया कि इस घटना के बाद कुछ शिक्षक उनके बेटे से नाराज रहने लगे और उसे जबरदस्ती निशाना बनाने लगे। इसकी वजह से उनका बेटा लगातार परेशान रहने लगा।
इस मामले को लेकर जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी की मुख्य संचार अधिकारी ने इस मामले पर यूनिवर्सिटी का पक्ष रखा। उन्होंने कहा, "कानून के अनुसार, मामले की सुनवाई एचएचआरसी (हरियाणा मानवाधिकार आयोग) द्वारा की जा रही है और हम उसके अनुरोध का पालन कर रहे हैं। हम पूर्ण सहयोग कर रहे हैं और उसके निर्देशों का आवश्यकतानुसार पालन कर रहे हैं।'' प्रोफेसर को एक सेमेस्टर के लिए निलंबित कर दिया गया है। दूसरी तरफ आयोग ने यूनिवर्सिटी के कुलपति को निर्देश दिया है कि वह 13 मई को इस मामले में उसके समक्ष पेश हों।
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Upendra Thapakलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


