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1984 सिख दंगा पीड़ितों के जख्म पर हरियाणा सरकार का मरहम, परिजनों के लिए नौकरी की मंजूरी

1984 सिख दंगा पीड़ितों के जख्म पर हरियाणा सरकार का मरहम, परिजनों के लिए नौकरी की मंजूरी

संक्षेप:

सैनी सरकार द्वारा पास किए गए प्रस्ताव के तहत दंगा पीड़ित के परिवार की सर्वसम्मति से एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी। इन सदस्यों को हरियाणा कौशल रोजगार निगमकी ओर से निर्धारित उनकी शैक्षिक योग्यता और पात्रता मानदंडों के आधार पर स्तर एक, दो या तीन श्रेणियों के तहत उपयुक्त नौकरी दी जाएगी।

Tue, 4 Nov 2025 12:30 AMUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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हरियाणा सरकार ने 1984 सिख दंगा में मारे गए राज्य के प्रत्येक व्यक्ति के परिजन को नौकरी देने का रास्ता साफ कर दिया है। मुख्यमंत्री नायाब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में पीड़ितों के परिजन को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने के लिए संविदा कर्मियों की तैनाती नीति 2022 में संशोधन को मंजूरी दे दी गई। गौरतलब है कि सीएम सैनी ने अगस्त में ही राज्य विधानसभा में इसकी घोषणा की थी।

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मंत्रिमंडल की तरफ से पास किए गए प्रस्ताव के तहत संविदा कर्मियों की तैनाती नीति में एक नया प्रावधान शामिल किया गया है। इसके तहत प्रत्येक दंगा पीड़ित परिवार में सर्वसम्मति से एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी। प्रस्ताव के मुताबिक, इन सदस्यों को हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) की ओर से उनकी शैक्षिक योग्यता और पात्रता मानदंडों के आधार पर स्तर एक, दो या तीन श्रेणियों के तहत उपयुक्त नौकरी दी जाएगी।

सैनी सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक, अगर किसी विभाग के सभी पद भर जाते हैं, तो एचकेआरएन योग्य व्यक्ति को किसी अन्य विभाग में या अपने खुद के प्रतिष्ठान में नियुक्त करेगा। बयान में कहा गया है, “यह सहानुभूतिपूर्ण उपाय एचकेआरएन के जरिये सहभागिता के लिए एक विधिवत ढांचा प्रदान करता है, जिसका मकसद 1984 के दंगों के दौरान अपूरणीय क्षति झेलने वाले परिवारों के लिए निष्पक्षता, पारदर्शिता और सम्मान सुनिश्चित करना है।”

शिक्षकों के लिए भी नया नियम

इसके अलावा मंत्रिमंडल ने शिक्षकों के ट्रांसफर को लेकर भी एक नई नीति का ऐलान किया। इसके तहत अब जोनिंग की अवधारणा को खत्म कर दिया गया है, जिससे अब शिक्षकों को सीधे कोई भी स्कूल चुनने की अनुमति मिल गई है। बयान में कहा गया है कि 'शेष हरियाणा’ कैडर के शिक्षकों को उनकी पसंद के अनुसार नूंह जिले या हथीन और मोरनी ब्लॉक में तैनाती के लिए अतिरिक्त भत्ते का प्रावधान शिक्षक स्थानांतरण नीति 2023 के समान ही रहेगा। लेकिन मेवात कैडर के शिक्षकों को कैडर के बाहर तैनात नहीं किया जाएगा।

Upendra Thapak

लेखक के बारे में

Upendra Thapak
उपेन्द्र पिछले कुछ समय से लाइव हिन्दुस्तान के साथ बतौर ट्रेनी कंटेंट प्रोड्यूसर जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली (2023-24 बैच) से पूरी की है। इससे पहले भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय से अपना ग्रैजुएशन पूरा किया। मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के रहने वाले हैं। अंतर्राष्ट्रीय संबंधों, राजनीति के साथ-साथ खेलों में भी दिलचस्पी रखते हैं। और पढ़ें

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