हुड्डा सरकार के दौरान लगे 4000 शिक्षकों की नौकरी पर लटकी तलवार; HTET पास करने के लिए एक साल की मोहलत
हुड्डा सरकार के दौरान अनुभव के आधार पर भर्ती किए गए 4000 शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटक गई है। सैनी सरकार ने इन शिक्षकों को मोहलत देते हुए एक साल में एचटेट पास करने की शर्त रखी है। सरकार के मुताबिक अगर यह लोग एचटेट की परीक्षा पास कर लेते हैं, तो इनकी नौकरी बरकरार रखी जाएगी।

हरियाणा में साल 2012 में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार में अनुभव के आधार पर नौकरी पाने वाले 4 हजार शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटक गई है। सैनी सरकार एचटेट पास नहीं करने वाले प्राथमिक शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर सकती है। हालांकि सरकार ने इन शिक्षकों को एक बड़ी राहत देते हुए तय किया है कि यदि ये सभी टीचर्स अगले साल मार्च तक हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (एचटेट) पास कर लेते हैं तो इनकी नौकरी जारी रहेगी। मौलिक शिक्षा महानिदेशक की ओर से इस संबंध में सभी जिलों के मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अनुभव आधार पर लगे प्राथमिक शिक्षकों को अलग साल 7 मार्च तक शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करनी होगी।
2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने एचटेट और बीएड से दी थी छूट
ये शिक्षक भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार में विज्ञापन संख्या 2/2012 के तहत अनुभव के आधार नियुक्त हुए थे। विज्ञापन संख्या 2/2012 में उल्लिखित शर्त के अनुसार चार वर्ष के शिक्षण अनुभव के आधार पर लगे करीब चार हजार प्राथमिक शिक्षकों को एक अप्रैल 2015 तक एचटेट पास करना आवश्यक था। इसके बावजूद निर्धारित समयावधि में एचटेट पास नहीं कर सके शिक्षकों को राहत देते हुए 27 अप्रैल 2017 को नया आदेश जारी किया गया। इसमें सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे ऐसे शिक्षकों के नियुक्ति पत्रों में यह शर्त शामिल करने को कहा गया कि उन्हें भविष्य में एचटेट उत्तीर्ण करना होगा। हालांकि अप्रैल 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इन प्राथमिक शिक्षकों को राहत देते हुए आदेश जारी कर दिए थे कि अब इन्हें भविष्य में एचटेट और बीएड करने की जरूरत नहीं होगी और वे आगे सेवा में बने रहेंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने एचटेट अनिवार्य किया
वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल एक सितंबर को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कक्षा पहली से आठवीं तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा अनिवार्य कर दी है। यह नियम उन सभी शिक्षकों पर लागू होगा जो 2011 में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) एक्ट लागू होने के बाद नियुक्त हुए हैं। इसे देखते हुए मौजूदा प्रदेश सरकार ने मनोहर सरकार का फैसला बदलते हुए निर्देश दिया है कि जिन शिक्षकों ने अभी तक एचटेट पास नहीं किया है, उन्हें मार्च 2027 तक यह परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। ऐसा न करने पर उनकी सेवाएं बिना किसी पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकती है।
रिपोर्ट: मोनी देवी

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Upendra Thapakउपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।
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