जेठ के प्यार में पति बना दुश्मन! सुपारी किलर मर्डर नहीं कर सका तो खुद उतारा मौत के घाट
अहमदाबाद में क्राइम ब्रांच ने महीनों पुराने हत्याकांड का राज खोल दिया है। जेठ के प्यार में पागल महिला के लिए पति दुश्मन बन गया। जब सुपारी किलर मर्डर नहीं कर सका तो उसने खुद मौत के घाट उतारा।

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने सुरेंद्रनगर जिले में हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया है। आरोपियों ने इस वारदात को हादसा बनाने की कोशिश की। पुलिस ने पहले इस केस को मौत मानकर बंद कर दिया गया था। अब पुलिस जांच में सामने आया है कि केस प्रेम संबंध, अवैध रिश्तों और साजिशन हत्या से जुड़ा है। जेठ के प्यार में पड़ी महिला ने दुश्मन बने पति के लिए पहले किलर हायर किया, लेकिन उसके नाकाम होने पर प्रेमी संग खुद गला घोंटकर हत्या कर दी।
पुलिस के अनुसार, सुरेंद्रनगर जिले के ध्रांगध्रा तालुका के सोलदी गांव निवासी शांतिगिरि विष्णुगिरि गोस्वामी की मौत को शुरुआत में नहर में डूबने से हुई दुर्घटना माना गया था। स्थानीय पुलिस ने अज्ञात शव मिलने के बाद आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया था, लेकिन अहमदाबाद क्राइम ब्रांच को मिली गुप्त सूचना के बाद जांच दोबारा शुरू हुई और हत्या की साजिश का पर्दाफाश हो गया।
दो बच्चों की मां जेठ के प्यार में पड़ी, दुश्मन बना पति
जांच में पता चला कि जागृति गोस्वामी की पहली शादी सुखदेवगिरि गोस्वामी से हुई थी, जिनसे उसके दो बच्चे भी थे। बाद में जागृति को अपने पति के बड़े भाई शांतिगिरि गोस्वामी से प्रेम हो गया। वह अपने पति और बच्चों को छोड़कर शांतिगिरि के साथ भाग गई और दोनों ने शादी कर ली।
शांतिगिरि ट्रक ड्राइवर था और अक्सर कई-कई दिनों तक घर से बाहर रहता था। इसी दौरान कांतिलाल उर्फ भारतभाई सबारिया ने उनके घर के पास किराये पर मकान लिया। धीरे-धीरे कांतिलाल और जागृति के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। पुलिस के मुताबिक, पति-पत्नी के बीच लगातार होने वाले झगड़ों के कारण दोनों ने शांतिगिरि को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
पति को मारने किलर हायर किया
आरोपियों ने पहले यूनुस नाम के एक शख्स को 25 हजार रुपये देकर सुपारी दी। एक रात यूनुस हत्या करने घर पहुंचा, लेकिन सो रहे शांतिगिरि को देखकर डर गया। उसने हत्या करने के बजाय उसकी सोते हुए तस्वीर खींचकर जागृति को भेज दी और झूठ बोला कि काम हो गया। जागृति ने उसे पैसे भी दे दिए, लेकिन कुछ देर बाद जब शांतिगिरि जिंदा उठा तो पूरी पोल खुल गई।
नाकाम होने पर खुद कर दी हत्या
सुपारी किलर की नाकामी के बाद जागृति और कांतिलाल ने खुद हत्या करने का फैसला किया। पुलिस के अनुसार, कांतिलाल ने शांतिगिरि का गला दबाया, जबकि जागृति ने उसकी चीख दबाने के लिए चेहरे पर तकिया रख दिया। हत्या के बाद शव को कमरे में बिस्तर के पीछे छिपा दिया गया।
इसके बाद जागृति ने दीपक उर्फ मुन्ना नाम के एक अन्य युवक की मदद ली, जिससे उसके कथित तौर पर प्रेम संबंध थे। दीपक ने कार की व्यवस्था की और तीनों ने मिलकर शव को सुरेंद्रनगर की नहर में फेंक दिया, ताकि मामला दुर्घटना लगे। आरोपियों ने यह अफवाह भी फैलाई कि शांतिगिरि काम के लिए घर छोड़कर चला गया है और जानबूझकर कोई गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई।
कई महीने हत्या का राज छिपाया
कई महीनों तक यह हत्या छिपी रही, क्योंकि नहर से मिले शव को दुर्घटना मान लिया गया था। हालांकि, मानव खुफिया तंत्र और तकनीकी जांच के जरिए क्राइम ब्रांच ने मृतक की पहचान कर पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 18 मई को जागृति गोस्वामी और कांतिलाल सबारिया को हत्या, आपराधिक साजिश और सबूत मिटाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
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