
एक-एक घुसपैठिये को चुन-चुनकर बाहर निकालेंगे; शाह बोले- SIR देश के लोकतंत्र को सुरक्षित करने की प्रक्रिया
गृह मंत्री ने कहा, ‘मैं उन राजनीतिक दलों को भी आगाह करना चाहता हूं जो इन घुसपैठियों को बचाने में लगे हैं। बिहार चुनाव देश की जनता का जनादेश था। और यह जनादेश हमारे देश में घुसपैठियों की मौजूदगी के खिलाफ है।’
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को देश के नागरिकों से चुनाव आयोग द्वारा जारी वोटर लिस्ट की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का पूरा समर्थन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया देश और लोकतंत्र की रक्षा के लिए जरूरी है, जिससे यह पक्का होगा कि हर एक घुसपैठिए को वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन की जीत देश में घुसपैठियों के खिलाफ जनादेश है क्योंकि देश की जनता कभी भी उन दलों का समर्थन नहीं करेगी जो ऐसे अवैध घुसपैठियों का समर्थन करते हैं। गृहमंत्री ने ये बातें गुजरात के भुज के हरिपुर में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के हीरक जयंती (61वें स्थापना दिवस) समारोह को संबोधित करते हुए कही।
SIR प्रक्रिया का विरोध कर रहे राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि कुछ दल चुनाव आयोग की इस प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं क्योंकि वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची में बने रहे। इस दौरान शाह ने SIR प्रक्रिया को मतदाता सूची का शुद्धिकरण बताया।
इस बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा, 'मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि हम इस देश में से एक-एक घुसपैठिये को चुन-चुनकर बाहर निकालेंगे, यह हमारा प्रण है। इस देश के किसी भी राज्य का मुख्यमंत्री कौन हो, देश का प्रधानमंत्री कौन हो, यह निर्णय केवल और केवल भारत का नागरिक कर सकता है। किसी घुसपैठिये को अधिकार नहीं है कि वह हमारी लोकतांत्रिक प्रणाली को प्रदूषित करे, और हमारे लोकतांत्रिक फैसले को प्रभावित करे। SIR एक तरह से हमारे देश और लोकतंत्र को सुरक्षित और निर्मल करने की प्रक्रिया है और हर नागरिक को इसका पूरा समर्थन करना चाहिए।'
गृह मंत्री ने कहा, ‘मैं उन राजनीतिक दलों को भी आगाह करना चाहता हूं जो इन घुसपैठियों को बचाने में लगे हैं। बिहार चुनाव देश की जनता का जनादेश था। और यह जनादेश हमारे देश में घुसपैठियों की मौजूदगी के खिलाफ है।’
समारोह में बीएसएफ की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, ‘जल, थल, गगन, तीनों जगह BSF का एक ही लक्ष्य रहा है भारत की सुरक्षा। जब तक BSF है, दुश्मन भारत की एक इंच भूमि पर भी नजर नहीं डाल सकता। यह समर्पण वंदनीय है।आज बीएसएफ देश की सभी सीमाओं पर घुसपैठ रोकने में लगा हुआ है। घुसपैठ रोकना न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बल्कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को दूषित होने से बचाने के लिए भी आवश्यक है।’ आगे उन्होंने कहा 'हालांकि, कुछ राजनीतिक दल सरकार के घुसपैठ विरोधी अभियान को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।
शाह ने कहा, ‘मतदाता सूची में घुसपैठियों की जगह सुनिश्चित करने के लिए काम करने वाले दलों को पता होना चाहिए कि देश की जनता ऐसे इरादों का कभी समर्थन नहीं करेगी।’ बता दें कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सहित ज्यादातर विपक्षी दलों ने SIR पर आपत्ति जताई है और दावा किया है कि इससे लाखों मतदाताओं के मताधिकार से वंचित होने का खतरा है। पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं।
हीरक जयंती समारोह के दौरान शाह ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बीएसएफ की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि हमारे सभी सुरक्षा बलों के पराक्रम से देश 31 मार्च 2026 तक देश पूरी तरह नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा। अपने संबोधन में अमित शाह ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दिखाई गई बहादुरी के लिए BSF और आर्म्ड फोर्स की तारीफ भी की। उन्होंने कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर के दौरान BSF और आर्मी की बहादुरी की वजह से कुछ ही दिनों में पाकिस्तान ने एकतरफा सीजफायर का ऐलान कर दिया, और इससे पूरी दुनिया में यह साफ हो गया कि भारत के बॉर्डर और सिक्योरिटी फोर्स के साथ कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए, नहीं तो उन्हें इसके नतीजे भुगतने होंगे।'

लेखक के बारे में
Sourabh Jainलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




