सूरत में बिना आदेश क्यों गिराई गई 80 झुग्गियां? नगर निगम के पांच अधिकारी सस्पेंड

लाइव हिन्दुस्तान, सूरत, भाषा
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सूरत नगर निगम इस मामले में किसी भी भूमकि से इनकार कर दिया है। वहीं जांच प्रभावित ना हो, इसके लिए पांच अधिकारियों को भी सस्पेंड कर दिया गया है।

सूरत में बिना आदेश क्यों गिराई गई 80 झुग्गियां? नगर निगम के पांच अधिकारी सस्पेंड

गुजरात के सूरत नगर निगम (एसएमसी) के पांच अधिकारियों के खिलाफ बड़ा ऐक्शन लिया गया है। मई में नासिरनगर इलाके में लगभग 80 झुग्गियों को 'रहस्यमय' तरीके से गिराए जाने के मामले में इन अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। यह कार्रवाई नगर निकाय के उस दावे के कुछ दिनों बाद की गई है जिसमें कहा गया है कि अभियान में उसकी कोई भूमिका नहीं थी।

आंतरिक जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर विभागीय जांच

एसएमसी ने बुधवार को एक बयान में कहा कि 30 मई को की गई तोड़-फोड़ की जांच करने वाली एक आंतरिक जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर विभागीय जांच शुरू की गई है।इसमें कहा गया है कि अधिशासी अभियंता सुजलकुमार प्रजापति और जयांग जीवन रामजीवाला, उप अभियंता अर्पण परमार, सहायक अभियंता मोनिक गढ़िया और कनिष्ठ अभियंता नरेशकुमार गलचर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया, ताकि जांच निष्पक्ष तरीके से हो सके।

एसएमसी की स्थायी समिति के अध्यक्ष राजन पटेल ने कहा था कि शुरुआती जांच से पता चला है कि नगर निकाय के अधिकारी सड़क की सीमा तय करने के लिए ही उस जगह पर गए थे। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर उस बिल्डिंग बनाने वाले के फायदे के लिए की गई, जिसकी उस जमीन में दिलचस्पी थी। भाजपा ने इस आरोप पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

जांच समिति के नतीजों का नहीं हुआ खुलासा

वहीं नगर निकाय ने जांच समिति के नतीजों का खुलासा नहीं किया और न ही तोड़-फोड़ की कार्रवाई में निलंबित किए गए अधिकारियों की कथित भूमिका के बारे में कोई जानकारी दी।नासिरनगर में लगभग 80 झुग्गियों को गिराए जाने से विवाद शुरू हो गया है। एसएमसी ने इसमें किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया और मीडिया में आई खबरों के बाद जांच के आदेश दिए।

एक निवासी ने भी तोड़-फोड़ की कार्रवाई को चुनौती देते हुए गुजरात हाई कोर्ट का रुख किया था और दावा किया कि उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। कांग्रेस नेता और पूर्व पार्षद असलम साइकिलवाला ने आरोप लगाया था कि तोड़े गए ज्यादा घर 40 से 50 साल पुराने थे और उनके मालिक SMC को प्रॉपर्टी टैक्स भर रहे थे।

Aditi Sharma

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अदिति शर्मा

अदिति शर्मा डिजिटल मीडिया की एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें लाइव हिंदुस्तान, TV9 भारतवर्ष और न्यूज नेशन जैसे संस्थानों में 9 वर्षों का अनुभव है। BCA और MMC की शैक्षणिक पृष्ठभूमि के साथ, वे तकनीक और पत्रकारिता के मूल्यों का सटीक संतुलन बनाती हैं। उनकी विशेषज्ञता राजनीति, अपराध और शोध-आधारित लेखन में है, जहां वे सकारात्मक प्रभाव डालने वाली विश्वसनीय पत्रकारिता को प्राथमिकता देती हैं।


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डिजिटल मीडिया के इस दौर में, अदिति शर्मा पिछले 9 सालों से सूचनाओं को खबरों में और खबरों को अटूट विश्वसनीयता में बदलने का काम कर रही हैं। वर्तमान में 'लाइव हिंदुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत रहते हुए, उनकी पत्रकारिता का मुख्य आधार रफ्तार के साथ गहरी सटीकता बनाए रखना रहा है। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि तकनीकी और मीडिया शिक्षा का एक संतुलित मेल है। उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से BCA किया है। इसके बाद उन्होंने इंडिया टुडे मीडिया इंस्टीट्यूट (ITMI) से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की, जिसने उनके पत्रकारिता कौशल को निखारा।


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