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Hindi News गुजरातप्रेमियों की 'न' नहीं सह पाईं प्रेमिकाएं, पेड़ पर लगाई फांसी; दो दिन बाद प्रेमियों ने...

प्रेमियों की 'न' नहीं सह पाईं प्रेमिकाएं, पेड़ पर लगाई फांसी; दो दिन बाद प्रेमियों ने...

गुजरात के सूरत में दो प्रेम कहानी का दर्दनाक अंत हो गया। प्रेमियों की न नहीं सह पाने की वजह से प्रेमिकाओं ने फांसी लगा ली। इसके दो दिन बाद प्रेमियों के शव भी पेड़ पर लटके हुए मिले।

प्रेमियों की 'न' नहीं सह पाईं प्रेमिकाएं, पेड़ पर लगाई फांसी; दो दिन बाद प्रेमियों ने...
Sneha Baluniलाइव हिन्दुस्तान,सूरतThu, 22 Feb 2024 12:30 PM
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गुजरात के सूरत जिले में दिल को झकझोर देने वाली घटना घटी है। यहां दो भाइयों ने आत्महत्या कर ली। कुछ दिनों पहले यहीं पर दो बहनों ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी, जो मृतकों की प्रेमिका थी। यह घटना बुधवार सुबह सूरत के अलथान में घटित हुई। दोनों भाई नरेंद्र वर्मा (19) और पुष्पेंद्र वर्मा (18) उसी इलाके में पेड़ से लटके हुए पाए गए, जहां बहनों ने सोमवार को सुसाइड किया था।

सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम करने वाले टीनेजर्स उन लड़कियों की मौत के बाद से बेहद परेशान थे। मृतकों ने अपने पारिवारिक मजबूरियों के कारण बहनों से शादी करने से इनकार कर दिया था। मृतक बहनें, नीलम शर्मा (20) और उसकी चचेरी बहन रोशनी शर्मा (18) ने एक पेड़ पर फांसी का फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया था।

जांच में पता चला कि नीलम और रोशनी क्रमशः नरेंद्र और पुष्पेंद्र से शादी करने के लिए बेताब थीं। हालांकि, नरेंद्र शादीशुदा था और उसका एक बच्चा भी है। इसलिए, उसने प्रेम संबंध होने के बावजूद नीलम से शादी करने से मना कर दिया। वहीं, पुष्पेंद्र ने रोशनी से कहा कि वह अपने परिवार से बात करने के बाद ही उससे शादी कर सकता है।

पुलिस ने कहा, 'हालांकि, लड़कियां शादी की जिद पर अड़ी रहीं और सोमवार को अपने घर से भाग गईं थीं। किसी संभावित घटना का अंदेशा होने पर नरेंद्र ने दोनों लड़कियों में से एक के भाई को अलथान बुलाया था। हालांकि, परिवार के सदस्यों के पहुंचने से पहले, लड़कियां एक सुनसान जगह पर पहुंच गईं और पेड़ पर लटकी हुई मिलीं। दोनों लड़कों की अस्वीकृति से बहुत आहत थी।'

नरेंद्र और पुष्पेंद्र सुरक्षा गार्ड के तौर पर काम कर रहे थे, जबकि लड़कियां अलथान की एक पॉश आवासीय सोसायटी में घरेलू सहायिका के रूप में काम करती थीं। अलथान पुलिस इंस्पेक्टर एनके डामोर ने बताया, 'दोनों लड़कियों के पिता भाई हैं और पुष्पेंद्र के पिता नरेंद्र के मामा हैं। दोनों परिवार एक-दूसरे को अच्छी तरह से जानते थे क्योंकि वे उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से ताल्लुक रखते हैं। लड़कियां गैंदोली गांव की मूल निवासी थीं और लड़के देवगांव गांव के थे। हम मामले की विस्तार से जांच कर रहे हैं।'

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