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Hindi News गुजरातराजकोट गेमजोन अग्निकांड मामले में बड़ा खुलासा, पुलिस ने बताया किसने की सबूत मिटाने की कोशिश, बनाए फर्जी दस्तावेज

राजकोट गेमजोन अग्निकांड मामले में बड़ा खुलासा, पुलिस ने बताया किसने की सबूत मिटाने की कोशिश, बनाए फर्जी दस्तावेज

पुलिस ने बताया कि राजकोट शहर में टीआरपी गेमिंग जोन में 25 मई को हुई घटना के सिलसिले में अब तक छह सरकारी कर्मचारियों सहित 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

राजकोट गेमजोन अग्निकांड मामले में बड़ा खुलासा, पुलिस ने बताया किसने की सबूत मिटाने की कोशिश, बनाए फर्जी दस्तावेज
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Aditi Sharmaभाषा,राजकोटSun, 16 Jun 2024 03:29 PM
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राजकोट नगर निगम के दो कर्मचारियों को एक गेमिंग जोन में पिछले महीने लगी आग की घटना के बाद उससे संबंधित दस्तावेजों में छेड़छाड़ करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आग की इस घटना में 27 लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि इसके साथ ही राजकोट शहर में टीआरपी गेमिंग जोन में 25 मई को हुई घटना के सिलसिले में अब तक छह सरकारी कर्मचारियों सहित 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस उपायुक्त (अपराध) पार्थराजसिंह गोहिल ने बताया कि शहर की अपराध शाखा ने शनिवार को राजकोट नगर निगम के सहायक नगर योजना अधिकारी राजेश मकवाना और सहायक अभियंता जयदीप चौधरी को आग की घटना के बाद आधिकारिक रजिस्टर में छेड़छाड़ करने के आरोप में गिरफ्तार किया।

अब तक 6 सरकारी कर्मचारी गिरफ्तार

उन्होंने कहा, ‘‘आग की घटना के बाद उन्होंने टीआरपी गेमिंग जोन से जुड़े सरकारी दस्तावेजों में कुछ छेड़छाड़ की। उन्होंने जाली दस्तावेज भी बनाए।’’नगोहिल ने कहा, ‘‘टीआरपी गेमिंग जोन में आग लगने के मामले में अब तक हम छह सरकारी कर्मचारियों और छह अन्य लोगों को गिरफ्तार कर चुके हैं।’’

इससे पहले जिन चार सरकारी कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया था उनमें राजकोट के नगर योजना अधिकारी एम.डी सागथिया, सहायक नगर योजना अधिकारी मुकेश मकवाना और गौतम जोशी तथा कलावड रोड दमकल केंद्र के पूर्व अधिकारी रोहित विगोरा शामिल हैं।

पिछले गुरुवार को गेमिंग जोन के सह-मालिक अशोक सिंह जडेजा ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। जडेजा ‘टीआरपी गेमिंग जोन’ के छह मालिकों में से एक है। उनमें से पांच को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है और एक की 25 मई को लगी आग में मौत हो गई थी। इस मामले में गेमिंग जोन के एक प्रबंधक को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच के दौरान इस बात की पुष्टि हुई कि सह-मालिकों में से एक प्रकाश हिरेन की आग में झुलसकर मौत हो गई थी क्योंकि जब गेमिंग जोन में आग लगी तब वह अंदर ही मौजूद था।

सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से पता चला कि भू-तल पर वेल्डिंग के काम के दौरान थर्माकोल (पॉलीस्ट्रीन) शीट पर चिनगारी गिरने से आग लगी। वहां मौजूद कर्मचारियों ने आग बुझाने वाले उपकरणों की मदद से आग को काबू करने की कोशिश की लेकिन आग फैल गई और इसने गेमिंग जोन को अपनी चपेट में ले लिया। पुलिस के मुताबिक, राजकोट नगर निगम के अग्निशमन विभाग से अग्नि सुरक्षा संबंधी अनापत्ति प्रमाणपत्र के बिना ही इस गेमिंग जोन का संचालन किया जा रहा था।

राजकोट की घटना के बाद, राज्य भर में कई गेमिंग जोन और अन्य मनोरंजन केंद्रों को सील कर दिया गया तथा बिना किसी अनुमति के ऐसी सुविधाएं संचालित करने के लिए उनके मालिकों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई।