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Hindi News गुजरातराजकोट गेम जोन अग्निकांड मामले में एक और गिरफ्तारी, जानें SIT जांच कहां तक पहुंची?

राजकोट गेम जोन अग्निकांड मामले में एक और गिरफ्तारी, जानें SIT जांच कहां तक पहुंची?

SIT में तकनीकी शिक्षा आयुक्त BN पाणि, फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला, गांधीनगर के निदेशक HP संघवी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, अहमदाबाद JN खड़िया और सड़क व भवन विभाग के अधीक्षण अभियंता MB देसाई शामिल हैं

राजकोट गेम जोन अग्निकांड मामले में एक और गिरफ्तारी, जानें SIT जांच कहां तक पहुंची?
Sourabh Jainभाषा,राजकोटWed, 29 May 2024 12:21 AM
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गुजरात पुलिस ने राजकोट स्थित TRP गेमिंग जोन के एक और साझेदार को गिरफ्तार किया है, जहां पिछले सप्ताह आग लगने से 27 लोगों की मौत हो गई थी। गिरफ्तार आरोपी का नाम धवल ठक्कर है जो कि धवल कॉरपोरेशन का मालिक है और जो रेसवे एंटरप्राइजेज के पांच साझेदारों के साथ TRP गेम जोन चलाता था। राजकोट की एक अदालत ने उसे 10 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। वहीं इस घटना की जांच कर रही गुजरात सरकार की विशेष जांच टीम (SIT) ने अब तक 25 से अधिक लोगों से पूछताछ की है और कई दस्तावेज जब्त किए हैं। इस बारे में मंगलवार को एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।

बनासकांठा के पुलिस अधीक्षक अक्षयराज मकवाणा ने बताया कि धवल कॉर्पोरेशन के मालिक धवल ठक्कर को पड़ोसी राजस्थान के आबू रोड से गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही शनिवार को हुई इस घटना के संबंध में अभी तक चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मकवाणा ने बताया, 'ठक्कर को गत रात राजकोट और बनासकांठा पुलिस द्वारा चलाए गए एक संयुक्त अभियान में आबू रोड से गिरफ्तार किया गया।' विशेष लोक अभियोजक तुषार गोकानी ने कहा, 'अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट बी पी ठाकर की अदालत ने धवल ठक्कर को 10 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।'

इससे पहले पुलिस ने रेसवे इंटरप्राइज में साझेदार युवराज सिंह सोलंकी और राहुल राठौड़ तथा गेम जोन के प्रबंधक नितिन जैन को गिरफ्तार किया था। उन्हें सोमवार को राजकोट की एक अदालत ने 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया था कि आरोपी व्यक्ति जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं और गोल-मोल जवाब दे रहे हैं। इस मामले में अबतक तीन साझेदार और प्रबंधक सहित चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

पुलिस ने मामले में आग लगने की इस घटना के संबंध में छह लोगों- ठक्कर, सोलंकी, राठौड़ और रेसवे इंटरप्राइज के साझेदारों अशोक सिंह जडेजा, किरीट सिंह जडेजा और प्रकाशचंद हिरन के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की है। यानी TRP गेमिंग जोन के कुल छह साझेदार हैं।

राज्य सरकार द्वारा मामले की जांच के लिए गठित SIR का नेतृत्व कर रहे भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ अधिकारी सुभाष त्रिवेदी ने कहा, 'राज्य सरकार ने हमें स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी के साथ अन्याय न हो। हमने अब तक प्रारंभिक जांच की है और गेम जोन से संबंधित दस्तावेजों को जब्त कर लिया है तथा आगे की जांच जारी है।'

उन्होंने कहा, 'राज्य सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो। हमने इस त्रासदी के संबंध में अब तक 25 से अधिक लोगों से पूछताछ की है।'

प्राथमिकी के अनुसार, आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 304, 308, 337, 338 और धारा 114 के तहत मामला दर्ज किया गया है। राज्य सरकार ने इस घटना की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया है और प्रत्येक मृतक के परिजन को चार लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। केंद्र सरकार ने भी प्रत्येक मृतक के परिजन को दो लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।