फोटो गैलरी

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News गुजरातदो किमी लंबे रोडशो के साथ रूपाला ने भरा पर्चा, क्षत्रिय समाज के सामने जोड़े हाथ, क्या कहा- VIDEO

दो किमी लंबे रोडशो के साथ रूपाला ने भरा पर्चा, क्षत्रिय समाज के सामने जोड़े हाथ, क्या कहा- VIDEO

Parshottam Rupala to Kshatriya Community: केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने मंगलवार को गुजरात की राजकोट लोकसभा सीट से दो किलोमीटर लंबा रोडशो निकालने के बाद अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।

दो किमी लंबे रोडशो के साथ रूपाला ने भरा पर्चा, क्षत्रिय समाज के सामने जोड़े हाथ, क्या कहा- VIDEO
Krishna Singhभाषा-वार्ता,गांधीनगरWed, 17 Apr 2024 01:08 AM
ऐप पर पढ़ें

केंद्रीय मंत्री परषोत्तम रूपाला ने मंगलवार को गांधीनगर में दो किलोमीटर लंबा रोडशो निकालने के बाद अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। भाजपा ने गुजरात की राजकोट लोकसभा सीट से उन्हें उम्मीदवार बनाया है। कुछ दिन पहले क्षत्रियों के संबंध में रूपाला के बयान पर राजपूत समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन किए थे। रूपाला ने जब जिला निर्वाचन अधिकारी प्रभाव जोशी को नामांकन पत्र सौंपा, तो उनके साथ गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपानी, पार्टी के राज्यसभा सदस्य केसरीदेव सिंह झाला और गुजरात सरकार में कैबिनेट मंत्री भानुबेन बाबरिया मौजूद थे।

राज्य की मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्रीमती पी. भारती की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में बताया गया कि गुजरात की 26 लोकसभा सीटों पर चुनाव के लिए मंगलवार को 97 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए। वहीं विधानसभा उपचुनाव के लिए आठ उम्मीदवारों ने मंगलवार को अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। उल्लेखनीय है कि विवादित बयान को लेकर क्षत्रिय समाज परषोत्तम रूपाला का टिकट रद्द करने की मांग रहा है। 

निर्वाचन अधिकारी की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, नामांकन पत्रों की जांच 20 अप्रैल को सुबह 11 बजे से की जायेगी। मान्य उम्मीदवार यदि चाहें तो 22 अप्रैल को अपराह्न तीन बजे तक अपनी उम्मीदवारी वापस ले सकते हैं। भाजपा ने इस बार राजकोट सीट से दो बार के सांसद मोहन कुंडरिया की जगह रूपाला को मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने पाटीदार बहुल इस सीट के लिए पूर्व विधायक परेश धनानी को उम्मीदवार बनाया है।

परषोत्तम रूपाला (Parshottam Rupala) ने यह दावा करके राजपूत समुदाय की नाराजगी मोल ले ली थी कि तत्कालीन 'महाराजाओं' ने अंग्रेजों के साथ-साथ विदेशी शासकों के उत्पीड़न के सामने घुटने टेक दिए थे। इन 'महाराजाओं' ने इन शासकों के साथ रोटी-बेटी का रिश्ता भी रखा। हालांकि रूपाला ने अपने बयान के लिए माफी मांग ली है, लेकिन राजपूत समुदाय के नेताओं ने रुख में बदलाव नहीं आया है। 

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें