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AAP नेता कंचन जरीवाला ने अपनी ही पार्टी के दावों को झुठलाया, बताया क्यों चुनाव से हटे पीछे

सूरत ईस्ट से आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवार कंचन जरीवाला ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर कंचन के किडनैपिंग और दबाव डालकर नामांकन वापस कराने का आरोप लगाया है।

AAP नेता कंचन जरीवाला ने अपनी ही पार्टी के दावों को झुठलाया, बताया क्यों चुनाव से हटे पीछे
Sudhir Jhaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीWed, 16 Nov 2022 06:22 PM

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सूरत ईस्ट से आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवार कंचन जरीवाला ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। 'आप' ने भाजपा पर कंचन के किडनैपिंग और दबाव डालकर नामांकन वापस कराने का आरोप लगाया है। वहीं, अब कंचन जारीवाला ने सामने आकर 'आप' के आरोपों को झुठला दिया है। उन्होंने दावा किया है कि अपनी मर्जी से उन्होंने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। कंचन ने कहा है कि उन्हें जनता से समर्थन नहीं मिल रहा था क्योंकि लोग इसे राष्ट्रविरोधी और गुजरात विरोधी पार्टी मानते हैं। 

बुधवार को उस समय सनसनी फैल गई जब 'आप' के संयोजक अरविंद केजरीवाल, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, सांसद संजय सिंह समेत पार्टी के कई नेताओं ने दावा किया कि सूरत पूर्व से उनके उम्मीदवार कंचन जरीवाला का अपहरण कर लिया गया है। वह परिवार समेत कल से गायब हैं। आप नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा ने उनकी किडनैपिंग की है। इस बीच दोपहर में अचानक जरीवाला रिटर्निंग ऑफिसर के दफ्तर पहुंचे और पुलिस सुरक्षा के बीच अपना नामांकन वापस ले लिया। आप ने एक बार फिर आरोप लगाया कि हार के डर से भाजपा ने दबाव डालकर कंचन से नामांकन वापस कराया है।

शाम होते होते जरीवाला ने वीडियो जारी करके और कुछ मीडिया चैनलों से बातचीत के दौरान 'आप' नेताओं की ओर से किए गए दावों को झुठला दिया। कंचन ने भाजपा की ओर से किडनैप किए जाने और दबाव डाले जाने की बातों को झूठ बताते हुए कहा कि उन्होंने अपनी मर्जी से यह फैसला किया। उन्होंने वीडियो में कहा कि नामांकन के बाद जब वह जनता के बीच गए तो उन्हें समर्थन नहीं मिला। उन्होंने कहा, ''कैंपेन के दौरान लोगों ने मुझे कहा कि मैं एक राष्ट्रविरोधी और गुजरात विरोधी पार्टी का उम्मीदवार हूं। मैंने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनी और अपना नामांकन वापस ले लिया। मैं ऐसी पार्टी का समर्थन नहीं कर सकता हूं।''

परिवार के साथ गायब होने को लेकर जरीवाला ने एक टीवी चैनल से कहा कि वह उनके परिजनों के पास भी काफी फोन आ रहे थे। परिवार के लोग भी मानसिक दबाव में थे, इसलिए वह सबके साथ चले गए थे। उन्होंने कहा कि भाजपा ने किसी तरह का दबाव नहीं डाला है। वह अपनी मर्जी से हटे हैं। इस बीच, दिल्ली में पहले मनीष सिसोदिया की अगुआई में 'आप' का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग के पास पहुंचा और पूरे मामले की जांच की मांग की। 'आप' ने सूरत पूर्व सीट पर चुनाव टालने की भी मांग की है।