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Hindi News गुजरातगुजरात में 2,000 करोड़ के जमीन घोटाले में IAS अफसर सस्पेंड, काश्तकारी एक्ट के उल्लंघन का है आरोप

गुजरात में 2,000 करोड़ के जमीन घोटाले में IAS अफसर सस्पेंड, काश्तकारी एक्ट के उल्लंघन का है आरोप

आईएएस अधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने सूरत के कलेक्टर के तौर पर अपने पिछले कार्यकाल के दौरान सूरत एयरपोर्ट के पास लगभग 50 एकड़ सरकारी जमीन अवैध रूप से एक काश्तकार को ट्रांसफर कर दी थी।

गुजरात में 2,000 करोड़ के जमीन घोटाले में IAS अफसर सस्पेंड, काश्तकारी एक्ट के उल्लंघन का है आरोप
Praveen Sharmaअमदाबाद। लाइव हिन्दुस्तानTue, 11 Jun 2024 09:44 AM
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गुजरात सरकार ने सोमवार को आईएएस अधिकारी आयुष ओक को सस्पेंड कर दिया। वह वलसाड जिले के कलेक्टर के रूप में कार्यरत थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने सूरत के कलेक्टर के तौर पर अपने पिछले कार्यकाल के दौरान सूरत एयरपोर्ट के पास लगभग 50 एकड़ सरकारी जमीन अवैध रूप से एक काश्तकार (Tenant Farmer) को ट्रांसफर कर दी थी। ऐसा करने से सरकारी खजाने को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचा था।

हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर एचटी को बताया, ''डुमास में सर्वे संख्या 311-3 वाली भूमि, जिसका अनुमानित मूल्य करीब 2,000 करोड़ रुपये है, कथित तौर पर आयुष ओक द्वारा उचित दस्तावेज के बिना और नियमों का उल्लंघन करते हुए कृष्णमुखलाल श्रॉफ नामक एक काश्तकार को ट्रांसफर कर दी गई थी।''

अधिकारियों के अनुसार, ऐसा करने का मकसद का गैर-कृषि प्रक्रिया के माध्यम से एक रियल एस्टेट डेवलपर को भूमि की बिक्री को आसान बनाना था।

ट्रांसफर से दो दिन पहले दर्ज कराया था काश्तकार का नाम

अधिकारी ने कहा कि राजस्व विभाग द्वारा की गई जांच के अनुसार, ममलतदार या कृषि कमेटी द्वारा कृष्णमुखलाल श्रॉफ को काश्तकार के रूप में दर्शाने वाले के किसी भी आदेश का कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। फिर भी जमीन उसके नाम पर ट्रांसफर कर दी गई और सरकारी भूमि को अवैध रूप से अधिग्रहित कर लिया गया। अधिकारी ने कहा कि कलेक्टर ओक ने अपने ट्रांसफर से दो दिन पहले काश्तकार के नाम को दर्ज करने का आदेश दिया था।

सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) द्वारा जारी सस्पेंशन ऑर्डर में कहा गया है कि आयुष ओक जब सूरत के कलेक्टर के रूप में तैनात थे, तब उनकी कार्रवाइयों ने 23 जून, 2021 से 1 फरवरी, 2024 के बीच राजस्व भूमि से संबंधित मामलों को संभालने के दौरान सरकारी खजाने को "भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाने वाली स्थिति" पैदा की थी।

पाटन जिला मुख्यालय छोड़ने पर रोक

सरकारी आदेश के अनुसार, सस्पेंशन अवधि के दौरान आयुष ओक गुजरात के अतिरिक्त मुख्य सचिव (कार्मिक), जीएडी की इजाजत के बिना पाटन जिला मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे।

2015 में गुजरात हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान एक याचिका में खुलासा हुआ था कि क्षेत्रीय कार्यालय की रिपोर्ट ने भी पुष्टि की है कि यह जमीन सरकारी थी और इसे अवैध रूप से काश्तकार के नाम पर ट्रांसफर किया गया था। यह गुजरात काश्तकारी अधिनियम, 1948 का घोर उल्लंघन था। इसके अलावा, रिपोर्ट बताती है कि 2005 में यही भूमि राजेंद्र शाह, धर्मेंद्र शाह और सुगमचंद शाह को ट्रांसफर कर दी गई थी।

कांग्रेस नेता तुषार चौधरी ने 20 मई, 2024 को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को पत्र लिखकर कथित भूमि घोटाले पर चिंता जताई थी।