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भड़काऊ भाषण देने वाले मौलाना पर गुजरात पुलिस का शिकंजा, 2 दिन की रिमांड मंजूर

हेट स्पीच और धार्मिक भावना भड़काने के आरोप में गुजरात पुलिस ने मुस्लिम धर्मगुरु मुफ्ती सलमान अजहरी को मुंबई से किया गया है। अजहरी को 2 दिन की ट्रांजिट रिमांड पर जूनागढ़ ले जाया गया है।

भड़काऊ भाषण देने वाले मौलाना पर गुजरात पुलिस का शिकंजा, 2 दिन की रिमांड मंजूर
Abhishek Mishraएएनआई,मुंबईMon, 05 Feb 2024 09:21 AM
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गुजरात के जूनागढ़ में हेट-स्पीच और धार्मिक भावना भड़काने के मामले में गुजरात पुलिस का शिकंजा कसा है। गुजरात पुलिस को मुंबई की एक अदालत से मुस्लिम धर्मगुरु मुफ्ती सलमान अजहरी की दो दिन की रिमांड मिली है। गुजरात पुलिस ने रविवार शाम को मुफ्ती सलमान अजहरी की रिमांड मांगी थी और मुंबई की एक अदालत ने ट्रांजिट रिमांड उन्हें दे दी। जिससे पुलिस को उन्हें जूनागढ़ ले जाने की अनुमति मिल गई है।

इस्लामिक धमर्गुरु अजहरी के वकील आरिफ सिद्दीकी ने मीडिया से बात करते हुए कहा,"गुजरात पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड के लिए आवेदन किया था; हमने इसका विरोध किया था और हमने यह भी कहा था कि उसे अवैध रूप से हिरासत में लिया गया है। कानून के अनुसार हमें जो नोटिस दिया जाना चाहिए वह हमें नहीं दिया गया था। अदालत ने 2 दिन की ट्रांजिट रिमांड पर भेजा गया है। अजहरी को जूनागढ़ ले जाया जाएगा।'' 

रविवार दिन में, गुजरात पुलिस की एक टीम मुंबई पहुंची और कथित नफरत भरे भाषण के मामले में मुफ्ती सलमान अज़हरी को हिरासत में लिया, जिसकी वह जांच कर रही है। घाटकोपर पुलिस स्टेशन में लाए जाने के बाद, उनकी रिहाई की मांग करते हुए एक बड़ी भीड़ पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन करने लगी। माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करके भीड़ को तितर-बितर कर दिया और सिचुएशन कंट्रोल किया गया। 

डीसीपी हेमराजसिंह राजपूत ने कहा, "मुंबई में शांति है, घाटकोपर इलाका भी शांतिपूर्ण है। किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें। मैं मुंबई के लोगों को बताना चाहता हूं कि उनके लिए पुलिस सड़क पर है।" 

अजहरी की गिरफ़्तारी के बाद, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने दावा किया कि अजहरी ने कोई भड़काऊ भाषण नहीं दिया था और उसे न्याय दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा,''कानून की उचित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए; उन्हें धारा 41 ए के तहत नोटिस दिया जाना चाहिए। हमें कानून और व्यवस्था पर पूरा भरोसा है कि हमें न्याय मिलेगा। उन्होंने कोई भड़काऊ भाषण नहीं दिया; उन्होंने सभी स्पष्टीकरण दिए। जब वास्तविक नफरत भरे भाषण दिए जाते हैं, तब सरकार कोई कार्रवाई क्यों नहीं करती, तब कोई गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई?”

मुफ्ती सलमान अजहरी के वकील वाहिद शेख ने मीडिया को बताया," मुफ्ती सलमान अजहरी के आवास पर लगभग 35-40 पुलिसकर्मी इकठ्ठा हुए। मुफ्ती साहब ने पुलिस के साथ सहयोग किया। हमें बताया गया कि  गुजरात में विभिन्न धार्मिक समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने के लिए उनके खिलाफ धारा 153 बी के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्हें अब अवैध रूप से हिरासत में लिया गया है।"

गिरफ्तारी के वायरल वीडियो पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि ''उनके द्वारा दिए गए भाषण में किसी भी धार्मिक भावना को ठेस नहीं पहुंचाई गई, कोई भी उकसाने वाला बयान नहीं दिया गया है। वीएचपी और आरएसएस ने एक पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया, जिसके चलते मुकदमा दर्ज किया गया। स्वतः एफआईआर दर्ज की गई थी।"

गिरफ्तारी के वायरल वीडियो पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि ''उनके द्वारा दिए गए भाषण में किसी भी धार्मिक भावना को ठेस नहीं पहुंचाई गई, कोई भी उकसाने वाला बयान नहीं दिया गया है। वीएचपी और आरएसएस ने एक पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया, जिसके चलते मुकदमा दर्ज किया गया। स्वतः संज्ञान एफआईआर दर्ज की गई थी।"

शेख ने कहा,"मौलाना मुफ़्ती सलमान अजहरी उनके साथ पुलिस स्टेशन आए और सहयोग भी किया लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया। मौलाना मुफ़ी सलमान अजहरी सहयोग करने के लिए तैयार हैं लेकिन पुलिस कोई जवाब नहीं दे रही है।"

गौरतलब हो, मुस्लिम धर्मगुरु द्वारा कथित तौर पर दिए गए भड़काऊ भाषण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जूनागढ़ पुलिस ने मुफ्ती सलमान अजहरी के खिलाफ कार्रवाई की है। रविवार को मुंबई में गिरफ्तारी के बाद, अजहरी ने अपने समर्थकों से विरोध न करने का अनुरोध किया। मुस्लिम धर्मगुरु ने कहा "न तो मैं अपराधी हूं, न ही मुझे अपराध करने के लिए यहां लाया गया है। वे आवश्यक जांच कर रहे हैं और मैं भी उनके साथ सहयोग कर रहा हूं। अगर यह मेरे भाग्य में होगा तो मैं गिरफ्तार होने के लिए तैयार हूं।" 

कथित भाषण 31 जनवरी की रात जूनागढ़ में 'बी' डिवीजन पुलिस स्टेशन के पास एक खुले मैदान में आयोजित एक कार्यक्रम में दिया गया था। आरोप है कि अजहरी ने हिन्दुओं के खिलाफ मुस्लिमों को उकसाने के लिए भाषण दिया है। वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। 

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