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Hindi News गुजरातबेटी ने 75 साल के पिता के लिए चुनी दुल्हनिया, गुजरात में इस शादी की खूब हो रही चर्चा

बेटी ने 75 साल के पिता के लिए चुनी दुल्हनिया, गुजरात में इस शादी की खूब हो रही चर्चा

Gujarat News: गुजरात के महिसागर जिले में एक शादी की चर्चा खूब हो रही है। एक बेटी ने अपने 75 साल के पिता की शादी कराई। इस शादी से पिता खुश नजर आए और उन्होंने डीजे पर जमकर डांस किया।

बेटी ने 75 साल के पिता के लिए चुनी दुल्हनिया, गुजरात में इस शादी की खूब हो रही चर्चा
Krishna Singhलाइव हिन्दुस्तान,अहमदाबादWed, 15 May 2024 11:36 PM
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गुजरात में एक शादी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। गुजरात के महिसागर जिले में 75 साल के एक शख्स ने 60 साल की महिला से शादी की। बताया जाता है कि खेती काम करके अपना गुजर करने वाले साइबा भाई डामोर की शादी उनकी बेटी ने ही कराई। बेटी ने पिता की शादी के लिए 60 साल की कंकुबेन परमार के साथ रिश्ता तय किया। साथ ही समाज के साथ मिलकर सामाजिक रस्म रिवाजों को भी निभाया। अपनी दूसरी शादी से साइबा भाई डामोर काफी खुश नजर आए। उन्होंने डीजे पर जमकर डांस किया। 

बेटी ने पिता के लिए चुनी 60 साल की दुल्हनिया
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, गुजरात के महिसागर जिले के खानपुर तालुका के अमेठी गांव के निवासी 75 साल के सायबा भाई डामोर की बेटी ने उनकी शादी कराई। बेटी ने पिता की शादी के लिए दुल्हन के रूप में 60 साल की कंकु बेन परमार को चुना। खेती काम करके अपना गुजर करने वाले साइबा भाई डामोर की पहली पत्नी का निधन 2020 में हुआ था। कंकु बेन परमार के पूर्व पति का भी निधन हो चुका है। बताया जाता है कि बेटी ने पिता की शादी के रस्म रिवाजों को भी बखूबी निभाया। 

बेटी और दामाद ने मिलकर कराई शादी
इस शादी से साइबा भाई डामोर काफी खुश नजर आए। उन्होंने डीजे की धुन पर जमकर डांस किया। पूरा गांव इन दो बुजुर्गों की शादी में शामिल हुआ। विधुर साइबा भाई और विधवा कंकु बेन लंबे अर्से से एकाकी जीवन गुजार रहे थे। बेटी की पहल पर दोनों ने एक-दूसरे के साथ बाकी का जीवन गुजराने का फैसला किया। साइबा भाई की एक ही बेटी थी, जिसकी शादी हो चुकी है। बेटी को बुजुर्ग पिता की फिक्र थी क्योंकि परिवार में कोई नहीं था। इस वजह से बेटी और दामाद ने मिलकर पिता की शादी कराने का फैसला किया।

लाठी के सहारे सारा काम करते थे साइबा भाई
बताया जाता है कि साइबा भाई घर के सारे काम खुद ही करते हैं। वह अपने लिए भोजन भी पकाते हैं। बेटी से उनका दर्द देखा नहीं जाता था। इसी वजह से उसने पिता की शादी कराने का फैसला किया। शादी के बाद साइबा भाई ने कहा कि बुढ़ापे में मेरा कोई सहारा नहीं था। मुझे लाठी पकड़कर सारा काम करना पड़ता था। मैं शादी के बाद बहुत खुश हूं। कंकु बेन अपने मामा की लड़की के घर रहती थी। उनका भी बुढापे में कोई सहारा नहीं था। अब वह साइबा भाई के साथ रहेंगी। 

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