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18 सितम्बर, 2020|7:06|IST

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प्राइवेट स्कूलों की फीस मामला: HC से बोली गुजरात सरकार- हमसे मीटिंग में नहीं निकला हल, अब आप ही करें फैसला

private school fees

कोरोना ने बच्चों का भविष्य दांव पर लगा रखा है। स्कूल बंद हैं, पढ़ाई नहीं हो पा रही है फिर भी निजी स्कूल संचालक फीस के लिए परिजनों पर दबाव डाल रहे हैं।ऐसे में गुजरात सरकार और निजी स्कूलों के बीच फीस का मामला सुलझता नजर नहीं आ रहा है। इसके चलते राज्य सरकार ने अब दोबारा हाईकोर्ट से अपील की है कि वे ही अब इस मामले पर कोई निर्णय लें, क्योंकि निजी स्कूलों के संचालकों के साथ सरकार ने दो बार बैठक आयोजित कर फीस में 25 प्रतिशत की छूट देने की मांग की, लेकिन स्कूल तैयार नहीं हैं। राज्य सरकार ने अपने निवेदन में यह भी कहा कि स्कूल एसोसिएशन लगातार अभिभावकों पर पूरी फीस जमा कराने का दबाव बना रहे हैं।

हाईकोर्ट कर सकता है जल्दी सुनवाई
फीस का मामला दोबारा कोर्ट में पहुंचने पर हाईकोर्ट इस पर जल्दी ही सुनवाई कर सकता है। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने निजी स्कूलों को आदेश दिया था कि जब तक स्कूल ओपन नहीं होते, तब तक स्कूल अभिभावकों से फीस न लें। इस आदेश के खिलाफ निजी स्कूल एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर हाईकोर्ट ने कहा था कि सरकार और निजी स्कूल के संचालक आपस में मीटिंग कर कोई निर्णय करें।

शिक्षा मंत्री ने किया था स्कूल संचालकों से निवेदन
हाईकोर्ट के आदेश के बाद 17 अगस्त और 20 अगस्त को गांधी नगर स्थित जीसीईआरटी में शिक्षामंत्री के नेतृत्व में ऑनलाइन मीटिंग हुई, जिसमें निजी स्कूल के प्रतिनिधि भी शामिल थे। शिक्षा मंत्री ने स्कूल संचालकों से निवेदन किया था कि स्कूल के फीस में कम से कम 25 प्रतिशत की छूट दी जाए, ताकि छात्रों और अभिभावकों के साथ अन्याय न हो।

वहीं फीस माफी को लेकर स्कूल संचालकों का कहना है कि यदि उन्हें निजी तौर पर लगेगा कि किसी बच्चे की फीस माफ करनी है तो वह फीस माफ कर सकते हैं, जिसके बाद अब राज्य सरकार हाईकोर्ट में इस मुद्दे को लेकर पहुंची है।

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  • Web Title:Gujarat government asked the High Court to give Verdict in Private School Fees Matter