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Hindi News गुजरातराममंदिर को 11 करोड़ रुपए देने वाले दानवीर सांसद की कहानी, कभी करते थे मजदूरी

राममंदिर को 11 करोड़ रुपए देने वाले दानवीर सांसद की कहानी, कभी करते थे मजदूरी

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत 41 प्रत्याशी मंगलवार को राज्यसभा चुनाव में निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। राज्यसभा पहुंचे लोगों में गोविंदभाई ढोलकिया भी शामिल हैं।

राममंदिर को 11 करोड़ रुपए देने वाले दानवीर सांसद की कहानी, कभी करते थे मजदूरी
Sudhir Jhaलाइव हिन्दुस्तान,अहमदाबादWed, 21 Feb 2024 02:19 PM
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भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव समेत 41 प्रत्याशी मंगलवार को राज्यसभा चुनाव में निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और पार्टी के तीन अन्य उम्मीदवारों को गुजरात से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। नड्डा के अलावा भाजपा ने हीरा कारोबारी गोविंदभाई ढोलकिया, भाजपा नेता जसवंतसिंह परमार और मयंक नायक को उच्च सदन भेजा है।

पहली बार राज्यसभा के सांसद बने गोविंदभाई ढोलकिया पिछले कुछ समय से लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। अयोध्या में बने राममंदिर के लिए 11 करोड़ रुपए दान देने के बाद से वह चर्चा में आ गए। वह रामलला के लिए सर्वाधिक दान करने वाले लोगों में एक हैं। गुजरात से राज्यसभा पहुंचे भाजपा के चारों उम्मीदवारों में सबसे अमीर ढोलकिया ने अपनी कुल संपत्ति 279 करोड़ रुपए घोषित की है।

76 वर्षीय गोविंदभाई ढोलकिया सूरत के बड़े हीरा कारोबारी हैं। वह रामकृष्ण एक्सपोर्ट्स के संस्थापक और चेयरमैन हैं। छठी कक्षा तक पढ़े ढोलकिया की 2022-23 में 35.24 करोड़ आमदनी थी। ढोलकिया ने अपने करियर की शुरुआत डायमंड सेक्टर में एक मजदूर के रूप में की थी। बाद में उन्होंने अपना कारोबार शुरू किया और तरक्की के इस मुकाम तक पहुंच गए। 1970 में अपनी कंपनी शुरू करने वाले ढोलकिया ने 5 हजार से अधिक लोगों को रोजगार दिया है। 

ढोलकिया जानेमाने दानदाता भी हैं। उन्होंने 2014 में एसआरके नॉलेज फॉउंडेशन की स्थापना की थी और इसके जरिए काफी पैसा जरूरतमंदों के लिए खर्च करते हैं। वह दिवाली पर अपने कर्मचारियों को महंगे तोहफे देने के लिए भी सुर्खियों में रहे हैं। 

रामलला के बड़े दानवीर
गोविंदभाई ढोलकिया के अलावा कुछ और लोगों ने भी रमलला के लिए बड़ी रकम दान की। इनमें दिलिप वी लाखी प्रमुख हैं जो सूरत के ही हीरा कारोबारी हैं। उन्होंने रामलला के लिए 101 किलो सोना दान किया। कथावाचक मोरारी बापू के अनुयायियों ने 16.3 करोड़ रुपए एकत्रित करके मंदिर निर्माण के लिए समर्पित किए। राममंदिर के निर्माण पर अब तक एक हजार करोड़ से अधिक की रकम खर्च की जा चुकी है।

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