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Hindi News गुजरातपटरी को 'सिंहासन' बना चुके थे जंगल के राजा और दनदनाती हुई आ गई ट्रेन, कैसे बचे 10 शेर

पटरी को 'सिंहासन' बना चुके थे जंगल के राजा और दनदनाती हुई आ गई ट्रेन, कैसे बचे 10 शेर

पश्चिम रेलवे (डब्ल्यूआर) के भावनगर खंड के अंतर्गत गुजरात के अमरेली जिले में एक मालगाड़ी का ड्राइवर तेजी से उसे आगे बढ़ा रहा था। अचानक उसकी नजर पटरी पर बैठकर आराम कर रहे शेरों पर पड़ी।

पटरी को 'सिंहासन' बना चुके थे जंगल के राजा और दनदनाती हुई आ गई ट्रेन, कैसे बचे 10 शेर
Subodh Mishraभाषा,भावनगरMon, 17 Jun 2024 10:26 PM
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गुजरात के अमरेली जिले में मालगाड़ी के ड्राइवर की सूझबूझ से 10 शेरों की जान बच गई। एक रेलवे अधिकारी ने बताया कि गुजरात के अमरेली जिले में पीपावाव बंदरगाह के पास एक मालगाड़ी के चालक ने सोमवार तड़के पटरियों पर दस शेरों को देखकर आपातकालीन ब्रेक लगाकर उनकी जान बचाई। 

पश्चिम रेलवे (डब्ल्यूआर) के भावनगर खंड की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह घटना तब हुई जब मुकेश कुमार मीणा पीपावाव बंदरगाह स्टेशन से साइडिंग (मुख्य गलियारे के बगल में एक छोटा ट्रैक) तक मालगाड़ी का संचालन कर रहे थे।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि ड्राइवर मुकेश कुमार मीणा तेजी से मालगाड़ी को आगे बढ़ा रहे थे। इसी दौरान अचानक उनकी नजर शेरों पर पड़ी। उन्होंने देखा कि 10 शेर पटरी पर बैठकर आराम कर रहे थे। ऐसा देख उन्होंने तुरंत आपातकालीन ब्रेक लगाकर मालगाड़ी रोक दी। उन्होंने मालगाड़ी रोककर तब तक इंतजार किया जब तक कि शेर पटरी से उठकर दूर नहीं चले गए। इसके बाद उन्होंने मालगाड़ी को उसके गंतव्य तक पहुंचाया। रेलवे के अधिकारियों ने ड्राइवर के सराहनीय कार्य की प्रशंसा की है।

डब्ल्यूआर की विज्ञप्ति में कहा गया है कि शेरों सहित अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए भावनगर मंडल द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। निर्देश के अनुसार, इस मार्ग पर ट्रेन चालक सतर्क रहते हैं और निर्धारित गति सीमा के अनुरूप ही ट्रेन चलाते हैं। 

गौरतलब है कि पीपावाव बंदरगाह को उत्तरी गुजरात से जोड़ने वाली इस रेल पटरी पर पिछले कुछ वर्षों में कई शेरों की मौत हो चुकी है। राज्य वन विभाग शेरों को रेलगाड़ियों की चपेट में आने से बचाने के लिए नियमित अंतराल पर पटरी के किनारे बाड़बंदी भी करता रहता है।