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GUJSAIL के पूर्व सीईओ पर शिकंजा, ACB ने दर्ज किया भ्रष्टाचार का केस

गुजसेल के पूर्व सीईओ कैप्टन अजय चौहान की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पहले उन्हें पद से हटा दिया गया था और अब एसीबी ने 72 लाख रुपये के भ्रष्टाचार के मामले में उनकी कथित भूमिका के लिए केस दर्ज किया है।

GUJSAIL के पूर्व सीईओ पर शिकंजा, ACB ने दर्ज किया भ्रष्टाचार का केस
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Subodh Mishraपीटीआई,अहमदाबादWed, 12 Jun 2024 05:12 PM
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GUJSAIL के पूर्व सीईओ कैप्टन अजय चौहान की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पहले उन्हें पद से हटा दिया गया था और अब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने भ्रष्टाचार के मामले में उनकी कथित भूमिका के लिए केस दर्ज किया है।

एसीबी ने एक विज्ञप्ति में कहा है कि गुजसेल के पूर्व सीईओ कैप्टन अजय चौहान, एक अकाउंटेंट और एक निजी विमानन कंपनी के निदेशक पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने 72 लाख रुपये के भ्रष्टाचार में उनकी कथित भूमिका के लिए मामला दर्ज किया है। हालांकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। गुजरात स्टेट एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी लिमिटेड (GUJSAIL) गुजरात में विमानन और इससे संबंधित बुनियादी ढांचे के विकास के लिए राज्य सरकार की नोडल एजेंसी है।

एसीबी की विज्ञप्ति में कहा गया है कि चौहान जब गुजरात में नागरिक उड्डयन के निदेशक थे तो उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को बिना अनुमति सरकारी विमान में घुमाया। साथ ही गुजसेल में अपने कार्यकाल के दौरान भ्रष्ट तरीकों से लाखों रुपये कमाए। अन्य दो आरोपियों में एक निजी विमानन कंपनी के निदेशक अल्पेश त्रिपाठी और दूसरा गुजसेल में अकाउंटेंट अल्पेश प्रजापति हैं।

राज्य सरकार ने पिछले साल फरवरी में चौहान को गुजसेल के सीईओ और नागरिक उड्डयन निदेशक के पद से हटा दिया था। चौहान ने लगभग एक दशक तक दोनों पद पर अपनी भूमिकाएं निभाईं। सरकार ने एक साल पहले चौहान की निगरानी में हुए कथित भ्रष्टाचार की प्रारंभिक जांच एसीबी को सौंपी थी।

एसीबी ने कहा कि चौहान ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया और दो अन्य लोगों के साथ मिलकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया। एजेंसी के अनुसार, चौहान ने बिना अनुमति के अपने परिवार के सदस्यों को लाने-ले जाने के लिए सरकारी विमान का उपयोग कर राज्य के खजाने को नुकसान पहुंचाया। एसीबी के अनुसार, यह जानने के बावजूद कि उन्हें गुजसेल के अलावा किसी अन्य फर्म को अपनी उड़ान सेवाएं देने से प्रतिबंधित किया गया था, चौहान ने निजी लाभ के लिए एक निजी कंपनी को अपनी सेवाएं प्रदान कीं।

एसीबी ने कहा कि चौहान ने कथित तौर पर अल्पेश त्रिपाठी की कंपनी से 10 लाख रुपये की रिश्वत ली थी, जिसे उन्होंने गुजसेल के लिए मजदूर प्रदान करने के लिए अवैध रूप से अनुबंधित किया था। इसके अतिरिक्त गुजसेल के एक आउटसोर्स कर्मचारी प्रजापति ने चौहान और त्रिपाठी के साथ मिलकर काम किया। विज्ञप्ति में कहा गया है कि कुल मिलाकर 72 लाख रुपये का भ्रष्टाचार किया गया।