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Hindi News गुजरातExit Poll: गुजरात में किसके साथ कितने मुसलमान, मोदी के भी बने 'भाईजान'

Exit Poll: गुजरात में किसके साथ कितने मुसलमान, मोदी के भी बने 'भाईजान'

गुजरात में दूसरे चरण की वोटिंग खत्म होने के बाद सोमवार शाम आए सभी एग्जिट पोल ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने का दावा किया है। अधिकतर एग्जिट पोल में भविष्यवाणी की गई है।

Exit Poll: गुजरात में किसके साथ कितने मुसलमान, मोदी के भी बने 'भाईजान'
Sudhir Jhaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 06 Dec 2022 10:56 AM

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गुजरात में दूसरे चरण की वोटिंग खत्म होने के बाद सोमवार शाम आए सभी एग्जिट पोल ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने का दावा किया है। अधिकतर एग्जिट पोल में भविष्यवाणी की गई है कि भाजपा अपने लक्ष्य '150' को हासिल कर सकती है और लगातार सातवीं बार अपने सबसे बड़े गढ़ में कमल खिला सकती है। 
 
न्यूज 24 टुडेज चाणक्या की ओर से पेश किए गए एग्जिट पोल में कहा गया है कि भाजपा 150 सीटें जीत सकती है। 5 साल पहले 77 सीटों पर कब्जा करने वाली कांग्रेस को 19 सीटों से संतोष करना पड़ सकता है। आम आदमी पार्टी को 11 और अन्य को 2 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। अन्य कई एग्जिट पोल्स में भी इसी तरह का ट्रेंड देखने को मिल रहा है। 

मुसलमानों की पहली पसंद कौन?
एक बड़ा सवाल यह भी है कि राज्य में मुसलमानों ने किस पार्टी का साथ दिया? टुडेज चाणक्या ने एग्जिट पोल में इस सवाल का जवाब देने की भी कोशिश की है। एग्जिट पोल के मुताबिक, एक बार फिर सबसे अधिक मुस्लिम वोटर्स ने कांग्रेस का साथ दिया। 44 फीसदी मुस्लिम वोटर्स ने हाथ का साथ देने की बात कही। वहीं, 39 फीसदी मुस्लिम वोटर्स ने आम आदमी पार्टी को वोट दिया है। एग्जिट पोल के अनुसार 13 फीसदी मुसलमानों ने मोदी के 'सबका साथ सबका विकास' पर भरोसा करते हुए भाजपा को वोट किया है।

एक्सिस माय इंडिया के सर्वे के मुताबिक, कांग्रेस को 54 फीसदी मुस्लिम वोट मिल सकते हैं। 'आप' को 30 फीसदी मुस्लिम वोट मिल सकते हैं।  भाजपा को 8 फीसदी और अन्य को 8 फीसदी मुस्लिम वोट मिलने की भविष्यवाणी की गई है।

एससी-एसटी ने किसका दिया साथ
टुडेज चाणक्या एग्जिट पोल के मुताबिक, 28 फीसदी अनुसूचित जाति वोट कांग्रेस को मिल सकते हैं तो 47 फीसदी एसटी वोट भाजपा के हिस्से में जा सकते हैं। समुदाय के 20 फीसदी मतदाता आम आदमी पार्टी के साथ रह सकते हैं। अनुसूचित जनजाति वोटर्स की बात करें तो 26 फीसदी कांग्रेस के साथ, 55 फीसदी भाजपा के साथ और 14 फीसदी आम आदमी पार्टी के साथ रह सकते हैं।