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Hindi News गुजरातयुसूफ पठान पर अतिक्रमण का आरोप, सांसद बनने के दो दिन बाद भाजपा शासित निगम ने भेजा नोटिस

युसूफ पठान पर अतिक्रमण का आरोप, सांसद बनने के दो दिन बाद भाजपा शासित निगम ने भेजा नोटिस

VMC की स्थायी समिति के अध्यक्ष ने कहा, 6 जून को हमने पठान को एक नोटिस दिया है और उनसे सभी अतिक्रमण हटाने के लिए कहा है। हम कुछ सप्ताह तक इंतजार करेंगे और फिर हम आगे की कार्रवाई तय करेंगे।

युसूफ पठान पर अतिक्रमण का आरोप, सांसद बनने के दो दिन बाद भाजपा शासित निगम ने भेजा नोटिस
Sourabh JainPTI,वडोदरा, गुजरातThu, 13 Jun 2024 11:15 PM
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गुजरात के वडोदरा शहर के रहने वाले पूर्व भारतीय क्रिकेटर और हाल ही में TMC (तृणमूल कांग्रेस पार्टी) से लोकसभा सांसद बने यूसुफ पठान को शहर के भाजपा शासित नगर निगम ने अतिक्रमण को लेकर एक नोटिस दिया है। नोटिस में उनसे कहा गया है कि उन्होंने कथित रूप से नगर निगम के स्वामित्व वाले प्लॉट पर अवैध कब्जा कर रखा है। साथ ही नोटिस में उनसे कब्जा हटाने के लिए भी कहा गया है। बता दें कि पठान हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल की बहरामपुर सीट से सांसद बने हैं। 

पठान को यह नोटिस 6 जून को यानी चुनाव नतीजे आने के दो दिन बाद दिया गया था। हालांकि VMC (वडोदरा नगर निगम) की स्थायी समिति के अध्यक्ष शीतल मिस्त्री ने गुरुवार को मीडिया को इसकी जानकारी दी।

इस पहले गुरुवार सुबह पत्रकारों से बात करते हुए भाजपा के पूर्व पार्षद विजय पवार ने इस मुद्दे को उठाया था। पवार ने आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार ने साल 2012 में पठान को भूखंड बेचने के VMC के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने (पठान ने) चारदीवारी बनाकर प्लॉट पर अतिक्रमण कर लिया।

आगे पवार ने कहा, 'मेरी यूसुफ पठान से कोई दुश्मनी नहीं है। लेकिन टांडलजा क्षेत्र में स्थित यह प्लॉट VMC के स्वामित्व वाला आवासीय प्लॉट है। 2012 में पठान ने VMC से इस प्लॉट की मांग की थी क्योंकि यह उनके निर्माणाधीन घर से सटा हुआ प्लॉट था। इसके लिए उन्होंने 57,000 रुपए प्रति स्क्वेयर मीटर की दर से मूल्य चुकाने का प्रस्ताव भी रखा था।'

पवार ने कहा, 'उस समय वडोदरा नगर निगम ने उनके प्रस्ताव को मंजूरी भी दे दी थी और इसे सामान्य बोर्ड की बैठक में पारित भी कर दिया था। हालांकि राज्य सरकार ने इसकी मंजूरी देने से इनकार कर दिया, जो कि ऐसे मामलों में आखिरी प्राधिकारी होती है।'

पवार ने कहा, 'हालांकि प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया था, लेकिन VMC ने भूखंड के चारों ओर बाड़ नहीं लगाई। फिर मुझे पता चला कि पठान ने भूखंड के चारों ओर एक दीवार बनाकर उस पर अतिक्रमण कर लिया है। इसलिए, मैंने नगर निगम से इसकी जांच करने को कहा है।'

उधर VMC की स्थायी समिति के अध्यक्ष शीतल मिस्त्री ने राज्य सरकार की तरफ से पठान को 978 वर्ग मीटर के भूखंड की बिक्री की मंजूरी नहीं मिलने की बात की पुष्टि की और कहा कि कथित अतिक्रमण के लिए उन्हें एक नोटिस भी दिया गया है।

उन्होंने कहा, 'हाल ही में हमें उनके द्वारा एक कंपाउंड दीवार बनाने के बारे में कुछ शिकायती आवेदन मिले हैं। इसलिए 6 जून को हमने पठान को एक नोटिस दिया है और उनसे सभी अतिक्रमण हटाने के लिए कहा है। हम कुछ सप्ताह तक इंतजार करेंगे और फिर हम आगे की कार्रवाई तय करेंगे। यह जमीन VMC की है और हम इसे वापस जरूर लेंगे।'  

खास बात यह है कि जिस अतिक्रमण को लेकर पठान को ये नोटिस मिला है, उन्होंने वहां पर कथित रूप से पिछले कई सालों से निर्माण कर रखा है, लेकिन सांसद बनने के बाद उन्हें नोटिस मिलने से कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।