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Hindi News गुजरात'अभी तो कर्बला का आखिरी मैदान बाकी है...', हेट स्पीच देने के आरोपी मौलाना पर शिकंजा; ATS

'अभी तो कर्बला का आखिरी मैदान बाकी है...', हेट स्पीच देने के आरोपी मौलाना पर शिकंजा; ATS

इसके बाद गुजरात पुलिस ने अदालत से ट्रांजिट रिमांड लिया। यह ट्रांजिट रिमांड मौलाना को गुजरात लाने के लिए लिया गया था। जूनागढ़ पुलिस ने यह ऑपरेशन गुजारत एंटी-टेररिस्ट स्क्वायड के साथ मिलकर अंजाम दिया।

'अभी तो कर्बला का आखिरी मैदान बाकी है...', हेट स्पीच देने के आरोपी मौलाना पर शिकंजा; ATS
Nishant Nandanलाइव हिन्दुस्तान,अहमदाबादMon, 05 Feb 2024 12:34 PM
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गुजरात के जूनागढ़ में हेट स्पीच देने के आरोपी मौलाना को मुंबई से अहमदाबाद लाया गया है। गुजरात ATS ने मौलाना मुफ्ती सलमान अजहरी को गिरफ्तार किया है। उन्हें मुंबई से यहां ATS के दफ्तर में लाया गया। आरोप है कि मौलाना सलमान ने 31 जनवरी की रात जूनागढ़ शहर में 'बी' डिवीजन पुलिस स्टेशन के नजीदक स्थित एक ओपन ग्राउंड में नफरती भाषण दिए। इस हेट स्पीच का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ है। वीडियो वायरल होने के बाद मौलाना सलमान अजहरी और स्थानीय आयोजनकर्ता मोहम्मद युसूफ मलिक और अजीम हबीब पर धारा 153B और 505 (2)के तहत केस दर्ज किया गया है। 

मलिक और हबीब को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया था। जिसके बाद पुलिस अजहरी की तलाश में थी। इसके बाद गुजरात पुलिस ने अजहरी को मुंबई से तलाश लिया और उसे रविवार को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने अदालत से ट्रांजिट रिमांड लिया। यह ट्रांजिट रिमांड मौलाना को गुजरात लाने के लिए लिया गया था। जूनागढ़ पुलिस ने यह ऑपरेशन गुजारत एंटी-टेररिस्ट स्क्वायड के साथ मिलकर अंजाम दिया।

अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोगों ने पुलिस को बताया था कि मैदान में जो भीड़ जमा हो रही है उसमें अजहरी धर्म के बारे में बातचीत करेंगे और नशे के खिलाफ जागरुकता का संदेश देंगे।
मौलाना का जो वीडियो वायरल हुआ था उसमें नजर आ रहा था कि वो कह रहे थे, 'अभी तो कर्बला का आखिरी मैदान बाकी है। कुछ देर की खामोशी है, फिर शोर आएगा...कल हमारा दौर आएगा।' जूनागढ़ लोकल क्राइम ब्रांच मामले की जांच कर रहा है।    

मुंबई में सलमान अजहरी को गिरफ्तार करने के बाद उसे घाटकोपर पुलिस स्टेशन ले जाया गया था। इसके बाद वहां भारी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। यहां लोग सलमान अजहरी को रिहा करने की मांग कर रहे थे। भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया था। बाद में पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित कर लिया था। अजहरी की गिरफ्तारी के बाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठा ने दावा कि मौलाना ने कोई भड़काऊ भाषण नहीं दिया था और उन्हें जस्टिस जरूर मिलना चाहिए।

मुफ्ती सलमान अजहरी के वकील ने वाहिद शेख ने मीडिया से कहा, 'करीब 35-40 पुलिसवाले मुफ्ती सलमान अजहरी के आवास पर आए थे। मुफ्ती सलमान अजहरी ने पुलिस के साथ सहयोग किया। हमें बताया गया है कि उनके खिलाफ धारा 153 B के तहत केस दर्ज किया गया है। उन्हें गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में लिया गया है।

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