फोटो गैलरी

Hindi News गुजरातजहां था टकराव वहां केजरीवाल की ही चली, 'दुखी' मुमताज ने सुनाया अपना फैसला

जहां था टकराव वहां केजरीवाल की ही चली, 'दुखी' मुमताज ने सुनाया अपना फैसला

लोकसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस के बीच गठबंधन का ऐलान हो गया है। शनिवार को दोनों दलों ने सीट बंटवारे की घोषणा कर दी। गुजरात में भरूच सीट आम आदमी पार्टी को मिली है।

जहां था टकराव वहां केजरीवाल की ही चली, 'दुखी' मुमताज ने सुनाया अपना फैसला
Sudhir Jhaलाइव हिन्दुस्तान,अहमदाबादSat, 24 Feb 2024 12:55 PM
ऐप पर पढ़ें

लोकसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस के बीच गठबंधन का ऐलान हो गया है। शनिवार को दोनों दलों ने सीट बंटवारे की घोषणा कर दी। दिल्ली, गोवा, गुजरात, हरियाणा और चंडीगढ़ में दोनों पार्टियां साथ मिलकर मिलकर भाजपा का मुकाबला करने जा रही हैं। दिल्ली में जहां आम आदमी पार्टी को अधिक सीटें मिली हैं तो गुजरात में कांग्रेस अधिकतर सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। जिन राज्यों के लिए आप और कांग्रेस में गठबंधन हुआ है उनमें सबसे अधिक सीटें गुजरात में हैं। यहां कुल 26 सीटें हैं जिनमें से 24 पर कांग्रेस और 2 पर आप का प्रत्याशी मुकाबला करेगा।

टकराव वाली सीट पर AAP की चली
गुजरात में आम आदमी पार्टी ने भले ही 8 सीटों पर दावा किया था, लेकिन वह दो सीटों के साथ मान गई। आप को भरूच और भावनगर की सीट देन का फैसला लिया गया है। भरूच सीट को लेकर आप और कांग्रेस के बीच काफी खींचतान भी हुई, लेकिन अंतत: बाजी अरविंद केजरीवाल के हाथ लगी जिन्होंने इस सीट पर अपने उम्मीदवार का ऐलान भी कर दिया था। गांधी परिवार के बेहद खास रहे अहमद पटेल की बेटी मुमताज की दावेदारी को खारिज करते हुए गठबंधन ने आप के विधायक चैतर वसावा के साथ जाने का फैसला किया।

ऐलान के बाद क्या बोलीं मुमताज?
अहमद पटेल की बेटी मुमताज और बेटे फैजल पटेल ने भरूच को पिता की विरासत बताते हुए मजबूती से अपनी दावेदारी पेश करते हुए यहां तक कह दिया था कि यदि आप को यह सीट दी गई तो उनका परिवार और कांग्रेस कार्यकर्ता समर्थन नहीं करेंगे। हालांकि, ऐलान के बाद एक तरफ मुमताज ने निराशा जाहिर की तो दूसरी तरफ बगावत की आशंकाओं को भी खारिज किया है। मुमताज ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, 'जिले के काडर से माफी मांगती हूं कि हम गठबंधन में भरूच लोकसभा सीट नहीं ले पाए। मैं भी आपकी तरह निराश हूं। लेकिन एक साथ मिलकर हम दोबारा जुटेंगे और कांग्रेस को मजबूत करेंगे। हम अहमद पटेल की 45 साल पुरानी विरासत को व्यर्थ नहीं जाने देंगे।' उन्होंने इसके साथ हैशटैग भरूच की बेटी का इस्तेमाल किया।

मुमताज की प्रतिक्रिया पर आप नेता गोपाल इटालिया ने लिखा कि अभी दो ही रास्ते हैं, पहला यह कि गांधी, सरदार नेहरू, सुभाष की विरासत को बचाएं या स्वर्गीय अहमदभाई पटेल की विरासत। इंडिया पार्टी के वॉलंटियर्स ने पहले विकल्प को चुना है, आपसे समर्थन की उम्मीद है। 

भरूच के लिए अड़ गए थे केजरीवाल
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल आखिर भरूच सीट अपने पाले में लाने में कामयाब रहे। उन्होंने पहले ही इस सीट पर अपने विधायक चैतर वसावा को उम्मीदवार घोषित कर दिया था। वसावा चुनाव प्रचार में जुट चुके हैं। लेकिन इस बीच अहमद पटेल के परिवार ने भरूच पर दावेदारी पेश कर खींचतान पैदा कर दी थी। बताया जा रहा है कि केजरीवाल ने यह साफ कर दिया था कि वह भरूच सीट पर समझौता नहीं कर सकते हैं। आप का मानना है कि आदिवासी नेता चैतर वसावा भरूच सीट पर मजबूत उम्मीदवार हैं और जीत हासिल कर सकते हैं।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें