गुजरात के इस शहर में रिंग रोड के दूसरे चरण को मिली मंजूरी, 483 करोड़ की लागत से 4 पुल और 3 अंडरपास भी बनेंगे
VUDA बोर्ड ने हाल ही में चेयरमैन अरुण महेश बाबू की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रोजेक्ट के दूसरे चरण को मंजूरी दी। जिसके बाद अब VUDA टेंडरिंग की प्रक्रिया शुरू करेगा, जिसमें डिटेल्ड प्लान और अनुमान तैयार करना और जरूरी तकनीकी मंजूरी लेना शामिल है।

गुजरात के वडोदरा शहर के चारों ओर प्रस्तावित 75 मीटर चौड़े रिंग रोड के दूसरे चरण को सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। दूसरे चरण की अनुमानित लागत लगभग 483 करोड़ रुपए होगी, इस दौरान यहां करीब 17.56 किलोमीटर लंबा रिंग रोड बनाया जाएगा। इसके अलावा पुल, अंडरपास और अन्य निर्माण भी किए जाएंगे, जिनके बनने का रास्ता भी साफ हो गया है। इस प्रोजेक्ट के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 75 करोड़ रुपए की ग्रांट मंजूर की गई है। इस प्रोजेक्ट के 18 महीनों यानी साल 2028 में पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है।
देश गुजरात की खबर के अनुसार VUDA (वडोदरा अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी) ने अपनी विकास योजनाओं के तहत शहर के चारों ओर 75-मीटर और 90-मीटर की रिंग रोड का प्रस्ताव दिया था। इनमें से 75-मीटर रिंग रोड प्रोजेक्ट की प्रस्तावित लंबाई 66.95 किलोमीटर है, और इसका निर्माण चार चरणों में होना है।
पहले चरण में बनाई गई 27.58 km लंबी सड़क
पहले चरण में VUDA क्षेत्र के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 27.58 किलोमीटर सड़क का निर्माण शामिल था, जिसकी अनुमानित लागत 317 करोड़ रुपए थी। इस चरण का काम लगभग पूरा हो चुका है, बस सेवासी में चुनिंदा सर्वे नंबरों से गुजरने वाली सड़कों को खोलना बाकी है। वहीं अब दूसरे चरण के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है।
दूसरे चरण में बनेगा कुल 17.56 किलोमीटर हिस्सा
प्राप्त जानकारी के अनुसार रिंग रोड के दूसरे चरण के अंतर्गत वडोदरा-अजवा रोड और वडोदरा-हलोल रोड के बीच 11.76 किलोमीटर सड़क बनाई जाएगी, जबकि 5.80 किलोमीटर का एक और हिस्सा डभोई रोड पर रतनपुर को नेशनल हाईवे-48 पर त्रिमंदिर से जोड़ेगा। प्रस्तावित अलाइनमेंट में विभिन्न टाउन प्लानिंग (TP) योजनाओं के तहत आने वाले इलाके शामिल होंगे और यह धन्यावी, सुंदरपुरा, वरनामा, वोरा गमडी, अमलियारा, कुमेथा, मोकारलीपुरा और अल्हादुरा जैसे गांवों से होकर गुजरेगा।
सिर्फ सड़क ही नहीं बल्कि ये सब निर्माण भी होंगे
इस बारे में जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि दूसरे चरण में सिर्फ सड़क निर्माण ही नहीं होगा। बल्कि इस रूट पर योजनाबद्ध तरीके से बनने वाले सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर में जाम्बुवा नदी पर एक छोटा पुल, नर्मदा नहर पर एक छोटा पुल, एक रेलवे ओवरब्रिज के साथ ही एक अन्य रोड ओवरब्रिज के साथ-साथ तीन अंडरपास भी बनाए जाएंगे।
इस साल फरवरी में मिली थी सैद्धांतिक मंजूरी
दूसरे चरण का प्रस्ताव सबसे पहले 29 नवंबर, 2025 को रोड बोर्ड द्वारा राज्य सरकार को भेजा गया था। 5 फरवरी, 2026 को गुजरात अर्बन डेवलपमेंट मिशन के सामने प्रेजेंटेशन के बाद, 18 फरवरी को 'विकसित गुजरात फंड' के तहत प्रोजेक्ट और उससे जुड़े खर्च के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। मंजूरी मिलने के बाद, VUDA अब टेंडरिंग की प्रक्रिया शुरू करेगा, जिसमें डिटेल्ड प्लान और अनुमान तैयार करना और जरूरी तकनीकी मंजूरी लेना शामिल है।
शहरी यातायात को सुगम बनाने में बेहद अहम साबित होगा
VUDA ने इस रिंग रोड को शहरी और ग्रामीण इलाकों के बीच बेहतर सम्पर्क बनाने और शहरों के आसपास वाहनों के यातायात को सुगम बनाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया है। VUDA बोर्ड ने हाल ही में चेयरमैन अरुण महेश बाबू की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रोजेक्ट के दूसरे चरण को मंजूरी दी। इस चरण के लगभग डेढ़ साल में पूरा होने की उम्मीद है।


