रेप केस में नारायण साई को झटका; सजा सस्पेंड करने की अर्जी खारिज, काटनी होगी जेल
गुजरात हाईकोर्ट ने रेप मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे नारायण साई की सजा रोकने की अर्जी खारिज कर दी है। अदालत ने पाया कि नारायण साई अपील पर जल्द सुनवाई में रुचि नहीं ले रहे हैं।

रेप केस में उम्रकैद की सजा काट रहे नारायण साई को गुजरात हाईकोर्ट से तगड़ा झटका लगा है। गुजरात हाईकोर्ट ने रेप केस में उम्रकैद की सजा भुगत रहे नारायण साई की सजा को सस्पेंड करने की अर्जी को खारिज कर दिया है। अदालत ने पाया कि नारायण साई अपनी सजा के खिलाफ अपील की जल्दी सुनवाई करवाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। अदालत को लगा कि नारायण साई मामले को जानबूझकर लटकाने की कोशिश कर रहे हैं।
उम्रकैद की सजा को सस्पेंड करने की लगाई थी गुहार
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, नारायण साई ने अपनी याचिका में उम्रकैद की सजा को सस्पेंड करने की मांग की थी। इस पर जस्टिस इलेश जे. वोरा और जस्टिस आरटी वच्छानी की डिवीजन बेंच ने नारायण साई को नोटिस जारी किया था। अदालत ने नोटिस का जवाब देने के लिए 26 फरवरी 2026 तक की डेडलाइन भी दी थी। नारायण साई रेप मामले में उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद गुजरात के सूरत के जेल में बंद है।
हाल ही में इंदौर की फेमिली कोर्ट से भी लगा था झटका
बीते अप्रैल महीने में इंदौर की फेमिली कोर्ट ने नारायण साई की पत्नी की ओर से दायर तलाक अर्जी मंजूर कर ली थी। उसे 3 महीने के भीतर इस महिला को 2 करोड़ रुपये की स्थायी भरण पोषण राशि देने का आदेश दिया है।
पत्नी ने मांगा था तलाक
नारायण साई की इंदौर निवासी पत्नी जानकी हरपलानी ने मानसिक क्रूरता और अन्य आरोप लगाते हुए स्थानीय फैमिली कोर्ट में 2018 में तलाक की अर्जी दायर की थी। इसमें एकमुश्त 5 करोड़ रुपये की स्थायी भरण-पोषण की मांग की गई थी और तलाक की अर्जी में 'दस्तावेजी सबूत' पेश किए थे।
दो करोड़ रुपये देने के दिए थे आदेश
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फेमिली कोर्ट ने आदेश दिया था कि नारायण साई की ओर से जानकी को दो करोड़ रुपये की स्थायी भरण पोषण राशि तीन महीने के भीतर अदा की जाए। बता दें कि नारायण साईं और जानकी का विवाह 2008 में हुआ था। दोनों की कोई संतान नहीं है।
फेमिली कोर्ट ने 2018 में दिया था आदेश
तलाक के इस मुकदमे की पिछली सुनवाई में नारायण साई को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 24 मार्च को कोर्ट में पेश किया गया था। कोर्ट ने उसका बयान दर्ज किया था। फेमिली कोर्ट ने नारायण साईं को 2018 में आदेश दिया था कि वह अपनी पत्नी को हर महीने 50 हजार रुपये भरण-पोषण के तौर पर दे। जानकी का कहना था कि बीते 8 साल में नारायण साईं की ओर से उसको कोई भरण-पोषण की रकम नहीं दी गई है।
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Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
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