जो जितने ‘गोल टोपी’ वालों की नसबंदी करे, उसे उतना बड़ा इनाम दें; सूरत में टी.राजा का विवादित बयान

Sourabh Jain लाइव हिन्दुस्तान, सूरत, गुजरात
share

कार्यक्रम के दौरान टी. राजा सिंह ने एक और विवादित बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2002 वाले रूप को याद किया और कहा कि मैं उनका वो पहले वाला रूप देखना चाहता हूं। वे यहां पर साल 2002 में हुए गुजरात दंगों को याद कर रहे थे।

जो जितने ‘गोल टोपी’ वालों की नसबंदी करे, उसे उतना बड़ा इनाम दें; सूरत में टी.राजा का विवादित बयान

गुजरात में सूरत जिले के मांडवी नगर में हाल ही में एक विराट हिंदू धर्मसभा का आयोजन किया गया था, जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर हैदराबाद की गोशामहल सीट के फायर ब्रांड भाजपा विधायक टी. राजा सिंह पहुंचे। अपने कट्टर हिंदू तेवरों की वजह से अक्सर विवादित भाषण देने वाले टी. राजा सिंह ने यहां पर भी अपना वही रंग दिखाया। इस दौरान यहां दिए विवादित भाषण में उन्होंने देश में मुसलमानों की बढ़ती आबादी को लेकर सवाल उठाए और केंद्र सरकार से जनसंख्या नियंत्रण कानून लाने की मांग करते हुए सांसदों को 'गोल टोपी' वालों की नसबंदी करने का लक्ष्य देने जैसी अजीबोगरीब मांग भी की। उन्होंने कहा कि सरकार को यह योजना निकालनी चाहिए कि जो सांसद जितने गोल टोपी वालों की नसबंदी करेगा, उसे उतना बड़ा इनाम दिया जाएगा।

सभा को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार से मांग करते हुए टी. राजा सिंह ने कहा, 'हर सांसद को ये जिम्मेदारी दे दीजिए कि जो 'गोल टोपी' वालों की जितनी ज्यादा नसबंदी कराएगा, उसको उतना बड़ा पद दिया जाएगा। अरे जब इंदिरा गांधी कर सकती हैं तो हम क्यों नहीं कर सकते। ये भारत देश की रक्षा की बात है, भारत देश सुरक्षित रहेगा, तभी तो हम सुरक्षित रहेंगे।'

'भारत में दो में से एक काम को करना बेहद जरूरी'

आगे उन्होंने कहा, 'भारत में दो में से एक कार्य ही तो करना है, या तो जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाइए या फिर नसबंदी का अभियान शुरू कीजिए। देखिए एक-एक व्यक्ति को आप टारगेट देकर देखिए, तू जितनी नसबंदी कराएगा, तुझे उतना पड़ा मंत्री पद देंगे। फिर देखिए कैसे वह एक-एक को पकड़-पकड़ के काटेंगे। तब होगा काम।'

'मैं पीएम मोदी का पुराना रूप देखना चाहता हूं'

आगे उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का वह दौर याद किया जब वह मुख्यमंत्री थे। उन्होंने कहा, 'भैया आज जो प्रधानमंत्री हैं ना, मैं उनका पहले वाला रूप देखना चाहता हूं। पहले वाले जब वह इस गुजरात राज्य के मुख्यमंत्री थे, तो उस समय उनके कार्यकाल में साल 2002 में एक कांड हुआ था, गोधरा कांड। उस समय अनेक राम भक्त अपने परिवार समेत अयोध्या रामलला के दर्शन करने गए थे और दर्शन करके वापस आ रहे थे, इसी दौरान गोधरा स्टेशन पर ट्रेन को रोककर रामभक्तों से भरे डिब्बे को आग लगा दी गई थी। आप लोग भूले तो नहीं वह बात, हम आपको भूलने भी नहीं देंगे। इस घटना में बच्चों, बूढ़ों व महिलाओं समेत कुल 59 लोगों को मार दिया गया था।'

'गुजरात में मोदी ने किया था सफाई का काम'

आगे उन्होंने गोधरा कांड के बाद राज्य में हुए मुस्लिम विरोधी दंगों को याद किया और उसे साफ-सफाई का नाम देते हुए कहा, ‘गोधरा कांड के बाद गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री मोदी जी ने साफ सफाई का काम किया था, साफ सफाई माने मुल्ला साफ गुजरात। वो कार्य हमारे प्रधानमंत्री मोदीजी ने उस समय प्रारंभ किया था, जब वह मुख्यमंत्री थे। वो कार्य हिंदू नहीं भूल सकता, वह कार्य एकबार फिर से होना चाहिए।’

इसके बाद उन्होंने कहा, 'जब हम घर साफ करते हैं तो कीड़े-मकोड़े सब साफ हो जाते हैं। एकबार वही सफाई अभियान पूरे भारत में भी चलना चाहिए। तभी हमारा देश संतुलन में रहेगा, वरना कोई आकर हिंदुओं का धर्मांतरण कर रहा है, कोई आकर लव जिहाद के नाम पर हमारी बहन-बेटियों का शिकार कर रहा है, कोई आकर हमारी गाय माता को काट-काटकर खा रहा है। यही सब चलता रहेगा।'

बता दें कि यह कार्यक्रम 8 मार्च की रात को सूरत के मांडवी में हुआ था। जिसके वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

Sourabh Jain

लेखक के बारे में

Sourabh Jain

सौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: सौरभ जैन भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक हिस्सा हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 16 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट सेक्शन में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वे पिछले लगभग तीन सालों से यहां कार्यरत हैं। सौरभ का करियर टीवी मीडिया से शुरू होकर डिजिटल मीडिया की गतिशीलता तक फैला हुआ है, जो उन्हें खबरों को गहराई और सटीकता के साथ प्रस्तुत करने में सक्षम बनाता है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि और कार्य अनुभव

सौरभ ने बैचलर ऑफ कॉमर्स की डिग्री लेने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पोस्ट ग्रेजुएशन का कोर्स किया। इस क्षेत्र में साल 2009 से सक्रिय होने के बाद सौरभ ने पहले टीवी के क्षेत्र में अलग-अलग डेस्क पर कार्य अनुभव लिया, इस दौरान उन्होंने टिकर डेस्क से शुरुआत करने के बाद न्यूज डेस्क में कॉपी राइटिंग का अनुभव हासिल किया, इस दौरान क्षेत्रीय विषयों से लेकर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर खबरें लिखीं। इसके बाद उन्हें बॉलीवुड और हेल्प-लाइन डेस्क में भी काम करने का मौका मिला। हेल्प लाइन डेस्क में काम करने के दौरान उन्हें स्वास्थ्य, करियर और आम लोगों से जुड़े कई विषयों को जानने व समझने का मौका मिला।

इसके बाद साल 2016 में उन्होंने डिजिटल मीडिया की दुनिया में कदम रखा और स्पोर्ट्स डेस्क के साथ शुरुआत की। सौरभ ने अपने करियर की शुरुआत ZEE24 छत्तीसगढ़ न्यूज चैनल से की थी। इसके बाद वे IBC24 और दैनिक भास्कर जैसी संस्थाओं में भी सेवाएं दे चुके हैं। सौरभ साल 2023 से लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हुए हैं और यहां पर स्टेट डेस्क में कार्यरत हैं। सौरभ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रहने वाले हैं और उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई और ग्रेजुएशन दोनों यहीं से किया है। इसके बाद उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री ली है।

सौरभ जैन का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी सही तथ्यों व आसान भाषा में पाठकों तक खबरें पहुंचाना है। इस काम में तेजी जितनी जरूरी है, सटीकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। फिर चाहे वह आम जीवन की खबरें हों, राजनीति की खबरें हों, खेल की खबरें हों या फिर चकाचौंध से भरे बॉलीवुड की खबरें हों। कोई भी खबर सही तथ्यों के साथ रीडर्स तक पहुंचनी चाहिए। हड़बड़ी में तथ्यों की पुष्टि ना होने पर गलत जानकारी पाठकों तक पहुंचने का खतरा बना रहता है। इसलिए सौरभ का मानना है कि पत्रकारिता का मतलब केवल पाठकों तक सूचना पहुंचाना ही नहीं, बल्कि सही और निष्पक्ष जानकारी पहुंचाते हुए उनकी बुद्धिमत्ता और विवेक को भी जागृत करना होता है।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।