यूरिया और डिटर्जेंट से बना रहे थे नकली दूध, गुजरात में पकड़ा गया 5 साल से चल रहा काला धंधा

Feb 07, 2026 07:17 pm ISTMohammad Azam लाइव हिन्दुस्तान, अहमदाबाद
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गुजरात के साबरकांठा जिले में दूध में मिलावट का बड़ा खुलासा हुआ है। पिछले पांच सालों से सैकड़ों गांवों में लोगों को डिटर्जेंट, यूरिया के साथ दूसरे खतरनाक रसायनों से तैयार किया गया नकली दूध और छाछ पिलाई जा रही थी।

यूरिया और डिटर्जेंट से बना रहे थे नकली दूध, गुजरात में पकड़ा गया 5 साल से चल रहा काला धंधा

गुजरात के साबरकांठा जिले में दूध में मिलावट का बड़ा खुलासा हुआ है। पिछले पांच सालों से सैकड़ों गांवों में लोगों को डिटर्जेंट, यूरिया और दूसरे खतरनाक रसायनों से तैयार किया गया नकली दूध और छाछ पिलाई जा रही थी। शुक्रवार को साबरकांठा लोकल क्राइम ब्रांच (LCB) ने प्रांतिज तालुका के सलाल गांव के पास स्थित एक फैक्ट्री पर छापा मारकर इस गोरखधंधे का पर्दाफाश किया और एक नाबालिग समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया।

क्या-क्या मिलाकर बनाते थे नकली दूध

पुलिस के मुताबिक, श्री सत्य डेयरी प्रोडक्ट्स नाम की इस यूनिट में असली दूध में पानी, मिल्क पाउडर, कॉस्टिक सोडा, रिफाइंड पामोलीन ऑयल, सोयाबीन ऑयल, डिटर्जेंट पाउडर और यूरिया खाद मिलाकर नकली दूध तैयार किया जाता था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपी 300 लीटर असली दूध में मिलावट कर रोजाना 1700 से 1800 लीटर तक दूध तैयार कर लेते थे और इसे पाउच में भरकर गांवों में सप्लाई करते थे।

छापेमारी के दौरान पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने 450 किलो व्हे पाउडर, 625 किलो स्किम्ड मिल्क पाउडर, 300 किलो प्रीमियम एसएमपी पाउडर, यूरिया खाद, कॉस्टिक सोडा, डिटर्जेंट पाउडर, सोयाबीन और पामोलीन ऑयल के अलावा 1962 लीटर नकली दूध और 1180 लीटर मिलावटी छाछ बरामद की। अधिकारियों के अनुसार इन रसायनों का इस्तेमाल दूध को गाढ़ा, झागदार और प्रोटीनयुक्त दिखाने के लिए किया जाता था ताकि उपभोक्ताओं को धोखा दिया जा सके।

कार्रवाई के दौरान प्लांट ऑपरेटर जितेंद्र पटेल और कर्मचारी सचिन मकवाना, करण परमार व अजयसिंह परमार को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है। फैक्ट्री मालिक राकेश उर्फ धमो पटेल फिलहाल फरार है और उसकी तलाश जारी है। इस मामले में प्रांतिज थाने में भारतीय न्याय संहिता और फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत केस दर्ज किया गया है।

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मोहम्मद आजम पिछले 3.5 सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में बतौर कंटेंट प्रोडूसर काम कर रहे हैं।


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परिचय और अनुभव: मोहम्मद आजम पिछले तीन सालों से ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहे हैं। कम समय में आजम ने पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया की बारीकियां सीखी हैं और अब भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट न्यूज टीम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

आजम ने ग्रेजुएशन तक विज्ञान की पढ़ाई की है, लेकिन राजनीतिक विषयों में रुचि उनको पत्रकारिता की तरफ खींच लाई। आजम ने अपना पोस्ट ग्रेजुएशन देश के अग्रणी संस्थानों में से एक भारतीय जनसंचार संस्थान से पूरा किया। विज्ञान बैकग्राउंड होने के चलते आजम को फैक्ट आधारित पत्रकारिता करने में महारत हासिल है।


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आजम की देश की राजनीति में काफी रुचि है। आजादी के पहले से लेकर आजादी के बाद की राजनीतिक घटनाओं की कई किताबों का अध्ययन होने के चलते अच्छी समझ है। यही कारण रहा कि आजम ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीतिक बीट से की। राजनीति के साथ आजम क्राइम और सोशल मीडिया पर वायरल चल रही खबरों में भी अच्छी महारत हासिल है।


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आजम का मानना है कि पत्रकारिता जनपक्षीय होनी चाहिए। पत्रकारिता के दौरान अपनी भावनाओं को काबू में रखकर तथ्य आधारित पत्रकारिता आजम को जिम्मेदार बनाती है। पत्रकारिता में आजम तथ्य आधारित सूचनाएं पहुंचाने के साथ ही, साहित्यिक लेखन में भी महारत हासिल है।


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