
आवारा कुत्तों के साथ बिस्तर पर सोने को मजबूर करती है; पत्नी के खिलाफ अपील लेकर HC पहुंचा शख्स
संक्षेप: याचिका में बताया गया कि उनकी शादी में दरार तब पड़ना तब शुरू हुई, जब पत्नी एक आवारा कुत्ते को उठाकर अपने घर ले आई, जबकि हाउसिंग सोसायटी ने इसकी अनुमति नहीं दी थी।
गुजरात उच्च न्यायालय के सामने तलाक का एक अनोखा मामला आया है, जिसमें पति ने इस आधार पर पत्नी से तलाक मांगा है कि उसकी पत्नी घर में आवारा कुत्तों को ले आई है और उसे उनके साथ एक ही बिस्तर पर सोने के लिए मजबूर करती है। पति का कहना है कि ये आवारा कुत्ते उसके अलावा अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों को कई बार काट चुके हैं, साथ ही इनकी वजह से सोसायटी में गंदगी भी फैल रही है। इतना ही पति का कहना है कि इन कुत्तों की वजह से सोसायटी में रहने वाले लोगों ने उनका बहिष्कार कर दिया है, और कई बार उनकी पुलिस शिकायत भी कर चुके हैं। जिसके चलते उन्हें अक्सर थाने के चक्कर भी काटने पड़ते हैं। पति का कहना है पत्नी उस पर इन कुत्तों को साफ करने और उनके लिए खाना बनाने का दबाव भी बनाती है। पति के अनुसार पत्नी के पाले कुत्तों में से एक कुत्ता ऐसा भी है, जो कि दोनों के साथ बिस्तर पर सोने की जिद करता है, वहीं जब पति अपनी पत्नी के बगल में सोने की कोशिश करता है तो वह कुत्ता उसे बुरी तरह काट लेता है। उधर पत्नी ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है, उल्टा पति पर ही आवारा कुत्तों की देखभाल करने वाले एक ट्रस्ट के साथ काम करने का आरोप लगाया है।

बार एंड बेंच की खबर के अनुसार ईसाई धर्म से जुड़े इस दंपति की मुलाकात साल 2001 में हुई थी और करीब 5 साल चले अफेयर के बाद साल 2006 में अहमदाबाद में उनकी शादी हो गई थी। हालांकि अब पति का कहना है कि उसे छल-कपट के जरिए शादी के लिए मजबूर किया गया था।
अपनी याचिका में पति ने पत्नी पर अन्य प्रकार की क्रूरता करने का भी आरोप लगाया है, लेकिन मुख्य तौर पर उसका यही कहना है कि पत्नी अपने आवारा कुत्तों के प्रेम की वजह से अपने वैवाहिक जीवन को भी दांव पर लगाने को तैयार है।
पत्नी मांग रही 2 करोड़ रुपए, पति ने देने से किया इनकार
जस्टिस संगीता के.विशेन और जस्टिस निशा एम.ठाकोर की खंडपीठ ने 11 नवंबर को दंपति का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों से दोनों के बीच समझौते की गुंजाइश तलाशने को कहा। जिसके बाद पति के वकील ने उच्च न्यायालय को बताया कि याचिकाकर्ता की पत्नी 2 करोड़ रुपए की भारी-भरकम रकम मांग रही है, लेकिन अपनी आर्थिक क्षमता को देखते हुए वह केवल 15 लाख रुपए देने को तैयार है। इसके बाद अदालत ने मामले को 1 दिसंबर के लिए विचार के लिए सूचीबद्ध कर दिया।
आपत्ति के बावजूद कई कुत्ते घर में ले आई पत्नी
याचिका में बताया गया कि उनकी शादी में दरार तब पड़ना तब शुरू हुई, जब पत्नी एक आवारा कुत्ते को उठाकर अपने घर ले आई, जबकि हाउसिंग सोसायटी ने इसकी अनुमति नहीं दी थी। पति ने आरोप लगाया कि कुत्ते से उन्हें और अपार्टमेंट परिसर में रहने वाले अन्य लोगों को खतरा था। लेकिन हैरानी की बात यह है कि पत्नी सिर्फ एक कुत्ते पर ही नहीं रूकी बल्कि तमाम आपत्तियों के बावजूद वह घर में और भी कुत्ते ले आई, जिससे उनकी सोसायटी में रहने वाले अन्य सदस्यों का गुस्सा भड़क उठा। पति का कहना है कि पत्नी जब उस पर हमला करती है तो उससे बेहद लगाव रखने वाले वे कुत्ते भी उस पर हमला कर देते हैं और उसे दर्दनाक तरीके से नोचते और काटते हैं।
रेडियो स्टेशन के जरिए लगाया अफेयर का आरोप
साथ ही पति ने इस आधार पर भी तलाक मांगा है कि उसकी पत्नी ने एक रेडियो स्टेशन के जरिए उसके साथ अप्रैल फूल का मजाक किया था। इस दौरान उस पर विवाहेतर संबंध का आरोप लगाया गया था। जिससे कि वह अपने दोस्तों और नियोक्ताओं के सामने बहुत शर्मिंदा और अपमानित हुआ था और उपहास का पात्र बन गया था। याचिका में पति ने यह भी आरोप लगाया है कि पत्नी द्वारा लगातार यातना दिए जाने और क्रूरता के कारण उसका स्वास्थ्य भी खराब रहने लगा। जिसके चलते 2011 में उसे अपना अहमदाबाद वाला घर छोड़कर बेंगलुरु में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा।
पहली याचिका बेंगलुरु की अदालत में लगाई
इसी दौरान साल 2012 में, पति ने बेंगलुरु की एक पारिवारिक अदालत में तलाक के लिए अर्जी दी। इसके बाद, पत्नी ने अहमदाबाद में उसके खिलाफ भरण-पोषण सहित कई मामले दायर कर दिए। पति द्वारा बेंगलुरु में दायर तलाक की याचिका 2016 में अधिकार क्षेत्र के आधार पर वापस कर दी गई। इसके बाद उसने अहमदाबाद में भी यही याचिका दायर की। फरवरी 2024 में पारिवारिक अदालत ने यह कहते हुए इस शख्स की तलाक याचिका को खारिज कर दिया था कि वह यह साबित करने में विफल रहा है कि उसकी पत्नी उसे परेशान करने के लिए ही आवारा कुत्तों को लेकर आई है। इसके बाद पति ने उच्च न्यायालय की शरण ली, जिसने मार्च 2024 में पारिवारिक अदालत के फैसले के खिलाफ पत्नी को नोटिस जारी किया था।
पत्नी ने अपना पक्ष रखते हुए यह बताया
पति की तलाक की याचिका के जवाब में, पत्नी ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। उसने पारिवारिक अदालत को बताया कि उसने कोई आवारा कुत्ता नहीं उठाया था। इसके उल्टा उसने दावा किया कि उसका पति एक ट्रस्ट के साथ काम करता है जो आवारा कुत्तों की देखभाल करता है। उसने यह भी कहा कि दरअसल, वह कुत्तों को घर ले आया था और उनकी देखभाल करने लगा। हालांकि, महिला ने अप्रैल फूल प्रैंक करने की बात मानी है, लेकिन कहा है कि उसके खिलाफ कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की गई। अपने फैसले में, पारिवारिक न्यायालय ने पत्नी की दलीलों को स्वीकार कर लिया और पति के आरोपों को खारिज कर दिया।

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Sourabh Jainलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




