पहली पत्नी को लेकर बहस हुई तो दूसरी को मार डाला, लाश को बबूल की झाड़ियों में फेंक दिया

Subodh Kumar Mishra लाइव हिन्दुस्तान, अहमदाबाद
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पहली पत्नी को लेकर बहस हुई तो एक आदमी ने अपनी दूसरी पत्नी की हत्या कर दी। उसका मानना था कि उसकी पहली पत्नी के उसे और उसके बच्चों को छोड़कर जाने के लिए वही जिम्मेदार थी। गुस्से में आकर उसने एक भारी चीज से दूसरी पत्नी के सिर पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

पहली पत्नी को लेकर बहस हुई तो दूसरी को मार डाला, लाश को बबूल की झाड़ियों में फेंक दिया

पहली पत्नी को लेकर बहस हुई तो एक आदमी ने अपनी दूसरी पत्नी की हत्या कर दी। उसका मानना था कि उसकी पहली पत्नी के उसे और उसके बच्चों को छोड़कर जाने के लिए वही जिम्मेदार थी। गुस्से में आकर उसने एक भारी चीज से दूसरी पत्नी के सिर पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात में एक आदमी को अपनी दूसरी पत्नी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने शनिवार को बताया कि अपनी पहली शादी को लेकर हुए घरेलू झगड़े के बाद उसने कथित तौर पर अपनी दूसरी पत्नी की हत्या कर दी। आरोपी ने शव को पास की झाड़ियों में फेंक दिया।

यह घटना मोरबी जिले के टंकारा कस्बे में हुई, जहां पुलिस को एक फैक्ट्री परिसर में हुई हत्या के बारे में सूचना मिली। मृत महिला की पहचान शाकुबेन के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी तक पहुंच गई।

पुलिस के अनुसार, आरोपी संजय का अपनी पहली पत्नी गंगा को लेकर शाकुबेन से अक्सर झगड़ा होता था। गंगा पहले ही संजय को छोड़कर चली गई थी। वह अपने बच्चों को भी छोड़ गई थी। घटना वाली रात पहली पत्नी को लेकर हुई बहस के दौरान दोनों के बीच तनाव और बढ़ गया।

झगड़े के दौरान संजय ने कथित तौर पर शाकुबेन पर आरोप लगाया कि उसकी पहली पत्नी के उसे और उसके बच्चों को छोड़कर जाने के लिए वही जिम्मेदार थी। पुलिस ने बताया कि गुस्से में आकर उसने एक भारी चीज से उसके सिर पर वार किया, जिससे उसकी जान चली गई।

अधिकारियों ने बताया कि हत्या के बाद संजय ने शव को एक रिक्शे में ले जाकर एक मंदिर के सामने बांध के पास बबूल की झाड़ियों में फेंक दिया। इस घटना का पता तब चला जब मृत महिला के बेटे ने पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई।

उसने अधिकारियों को बताया कि उसके पिता ने हत्या की बात कबूल कर ली थी और उसे धमकी दी थी कि वह शव को ठिकाने लगाने में उसका साथ दे। हालांकि, बेटे ने साथ देने से मना कर दिया। बाद में वह चुपके से उसके पीछे गया और उसने शव को फेंकते हुए देख लिया।

शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने शव बरामद किया और उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। मामले में आगे की जांच की जा रही है।

Subodh Kumar Mishra

लेखक के बारे में

Subodh Kumar Mishra

सुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।

ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।

शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।

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