
मंदिर प्रसिद्ध हो जाएगा और ज्यादा दान आएगा; गुजरात में इसलिए तोड़ी गई थी मूर्ति
संक्षेप: गुजरात के जूनागढ़ में गिरनार पहाड़ पर स्थित ऐतिहासिक श्री गुरु गोरक्षनाथ मंदिर में तोड़फोड़ के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। क्राइम ब्रान्च पुलिस ने मूर्ति तोड़ने और इसे जंगल में फेंकने के आरोप में दो लोगों को पकड़ा है, जिनमें एक मंदिर में नियुक्त है।
गुजरात के जूनागढ़ में गिरनार पहाड़ पर स्थित ऐतिहासिक श्री गुरु गोरक्षनाथ मंदिर में तोड़फोड़ के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। क्राइम ब्रान्च पुलिस ने मूर्ति तोड़ने और इसे जंगल में फेंकने के आरोप में दो लोगों को पकड़ा है, जिनमें एक मंदिर में नियुक्त है। सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगालने और बड़ी संख्या में लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस ने रमेश भट्ट (50) और पहले मंदिर में काम कर चुके एक स्थानीय फ्रोटोग्राफर को गिरफ्तार किया।

भट्ट ने कबूल किया कि उसने और दीक्षित (किशोर) कुकरेजा (42) ने मिलकर घटना को अंजाम दिया। कुकरेजा मंदिर में वैतनिक है। वह महाराष्ट्र के उल्हसनगर का रहने वाला है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक जूनागढ़ के एसपी सौरभ ओदेदारा ने कहा, 'कुकरेजा दो साल से मंदिर में काम कर रहा था। वह मंदिर की कमाई से संतुष्ट नहीं था। वह चाहता था कि और लोग पूजा के लिए आएं और दान बढ़े। मंदिर को और प्रसिद्धि देने के मकसद से उसने यह साजिश रची।'
5 अक्टूबर को मंदिर के पुजारी योगी सोमनाथ जी (60) ने देखा कि मूर्ति तोड़ दी गई है और मंदिर के अंदर तोड़फोड़ की गई है। कुकरेजा ने उन्हें बताया कि चार अज्ञात लोगों ने मंदिर में तोड़फोड़ की। उस पर विश्वास करते हुए सोमनाथ जी ने भावनगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। घटना के बाद जैन समुदाय के लोग आक्रोशित हो गए। उन्होंने तुरंत दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की। लोगों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने जांच पड़ताल तेज कर दी।
जांच में पता चला कि आरोपियों ने इस घटना को तब अंजाम दिया जब पुजारी सो रहे थे। उन्होंने उनके कमरे के दरवाजे को बाहर से बंद कर दिया था। इसके बाद मूर्ति और इसके चारों तरफ लगे कांच को तोड़ डाला। पुलिस टीम ने 156 जगहों पर लगे सीसीटीवी फुटेज, सीढ़ियों के रास्ते और रोपवे पॉइंट्स आदि की जांच की। पुलिस ने करीब 500 श्रद्धालुओं की आवाजाही को ध्यान से देखा। आसपास काम करने वाले 200 लोगों से पूछताछ की। होटल और धर्मशाला आदि के रिकॉर्ड को भी जांचा। जांच में पता चला कि कुकरेजा और भट्ट ने 4 अक्टूबर को शाम की आरती के बाद कांच को तोड़ा और दरवाजा खोलकर 50 किलो की मूर्ति हटाई।

लेखक के बारे में
Sudhir Jhaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




