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झूठे केस से ब्लैकमेल, रूसी सेना में काम के लिए किया मजबूर; गुजरात के युवक का छलका दर्द

झूठे केस से ब्लैकमेल, रूसी सेना में काम के लिए किया मजबूर; गुजरात के युवक का छलका दर्द

संक्षेप:

गुजरात के एक युवक ने एक वीडियो मैसेज के जरिए रूस गए लोगों से गुजारिश की है कि वे किसी भी हालत में रूसी सेना में शामिल ना हों। गुजरात के मोरबी का युवक स्टूडेंट वीजा पर पढ़ाई के लिए रूस गया था।

Dec 22, 2025 01:22 am ISTKrishna Bihari Singh लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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गुजरात के मोरबी के रहने वाले एक भारतीय छात्र साहिल मोहम्मद हुसैन ने एक वीडियो संदेश के जरिए लोगों से अपील की है कि वे कभी भी रूसी सेना में शामिल होने की गलती ना करें। साहिल को यूक्रेन की सेना ने पकड़ा है और वहीं से उसने अपनी आपबीती सुनाई है। साहिल ने बताया कि वह स्टूडेंट वीजा पर रूस गया था और अपनी पढ़ाई के साथ एक कूरियर कंपनी में पार्ट-टाइम काम कर रहा था।

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एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, साहिल ने कहा कि रूस की पुलिस ने उसे ड्रग्स के एक झूठे मामले में फंसा दिया। फिर उसको ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। पुलिस ने उसे विकल्प दिया कि यदि वह रूसी सेना में भर्ती हो जाता है तो उसके ऊपर से ड्रग्स के सारे आरोप हटा दिए जाएंगे। साहिल ने यह भी बताया कि रूस में कम से कम 700 लोग जेलों में बंद हैं जिनको सेना में शामिल होकर अपनी जान जोखिम में डालने के बदले रिहाई का लालच दिया जा रहा है।

साहिल ने बताया कि उसने मजबूरी में रूस की पुलिस की बात मान ली। महज 15 दिन की मामूली ट्रेनिंग के बाद उसे सीधे युद्ध के मैदान में फ्रंटलाइन पर भेज दिया गया। साहिल ने जैसे ही मौका पाया खुद को बचाने के लिए यूक्रेनी सेना के सामने सरेंडर कर दिया। अब साहिल भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगा रहा है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात करके उसकी सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित की जाए।

साहिल ने युवाओं को चेतावनी दी है कि रूस में बहुत से धोखेबाज सक्रिय हैं जो मासूम लोगों को फंसा सकते हैं। साहिल की मां ने भी अपने बेटे को वापस लाने के लिए दिल्ली की एक अदालत में अर्जी लगाई है, जिस पर फरवरी में सुनवाई होनी है। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने भी इस मामले पर कहा है कि सरकार उन भारतीयों को छुड़ाने के लिए काम कर रही है जो धोखे से रूसी सेना में भर्ती हो गए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने खुद यह मुद्दा राष्ट्रपति पुतिन के सामने उठाया है। उन्होंने जोर दिया है कि हमारे नागरिकों को जल्द से जल्द रिहा किया जाए। सरकार ने एक बार फिर भारतीय नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे रूसी सेना में शामिल होने के किसी भी प्रस्ताव को स्वीकार ना करें और बहुत सावधानी बरतें। फिलहाल साहिल जैसे कई भारतीयों के परिवार परेशान हैं और अपने प्रियजनों की वापसी के लिए सरकार से लगातार मदद मांग रहे हैं।

Krishna Bihari Singh

लेखक के बारे में

Krishna Bihari Singh
पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों से केबी उपनाम से पहचान रखने वाले कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह लोकमत, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। मूलरूप से यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली में पत्रकारिता कर चुके हैं। लॉ और साइंस से ग्रेजुएट केबी ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमफिल किया है। वह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। और पढ़ें

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